संयुक्त राष्ट्र में इराक के प्रधानमंत्री अली फालिह अल-जायदी का बड़ा बयान, देश की सुरक्षा और स्थिरता पर दिया जोर

इराक के प्रधानमंत्री Ali Falih Al-Zaidi ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81st सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सालों के संघर्ष के बाद इराक को फिर से खड़ा करने और देश में शांति लाने का अपना विजन सबके सामने रखा। प्रधानमंत्री ने देश के आम लोगों की कुर्बानियों को याद किया और बताया कि कैसे बच्चों की जान जाने और देश के विकास के मौकों को गंवाने की वजह से इराक के लोगों को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने अपनी सरकार के नियमों और सुरक्षा से जुड़े कामों का जिक्र करते हुए कहा कि अवैध हथियारों को रोकना और भ्रष्टाचार से लड़ना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
युद्ध और शांति के मामलों पर सरकार का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इराक की सरकार ही युद्ध और शांति के मामलों में आखिरी फैसला लेने वाली autoridad होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी संस्थानों को मजबूत करने और लोगों का भरोसा वापस पाने के लिए कानून का राज सबसे ऊपर होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा की यह बैठक "Restoring trust, managing transformation: a United Nations that delivers for all" विषय के आधार पर आयोजित की गई थी, जिसमें दुनिया भर के बड़े मुद्दों पर बातचीत की गई।
तुर्की और अमेरिका के साथ हुई अहम बैठकें
इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Ali Falih Al-Zaidi ने कई बड़े देशों के नेताओं के साथ जरूरी मुलाकातें कीं। 24 सितंबर 2026 को उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। इस समझौते के तहत धीरे-धीरे Bashiqa मिलिट्री बेस को बगदाद को सौंपने और सिनजार में गैरकानूनी विदेशी सशस्त्र समूहों को खत्म करने की योजना है। इसके अलावा दोनों नेताओं ने विकास सड़क परियोजना यानी Development Road project को आगे बढ़ाने और आपसी व्यापार को बढ़ाने पर भी मुहर लगाई।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अमेरिका के बड़े अधिकारियों और विदेश मंत्री के साथ भी उच्च स्तरीय बैठक की। इस चर्चा में देश में युद्ध के बाद के आर्थिक सहयोग, इराक के तेल सेक्टर में निवेश और साल 2030 तक प्रतिदिन 10 million barrels क्रूड ऑयल उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने पर बातचीत की गई।
इराक के सामने अभी भी मौजूद हैं मानवीय चुनौतियां
इन तमाम कूटनीतिक और राजनीतिक कोशिशों के बावजूद देश के अंदर अभी भी कई बड़ी मानवीय समस्याएं बनी हुई हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन यानी International Organization for Migration की रिपोर्ट के अनुसार, June 2026 तक इराक में लगभग 610,000 लोग अपने घरों को लौट चुके हैं, लेकिन वे अभी भी टूटे-फूट बुनियादी ढांचे, जमीन से जुड़े पुराने विवादों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इन सभी परेशानियों की वजह से देश के लोगों का फिर से बसना और सामान्य जीवन जीना काफी मुश्किल हो रहा है।