बगदाद ने चेताया, पड़ोसी देशों पर हमले के लिए हो रहा इराकी जमीन का इस्तेमाल
इराकी विदेश मंत्री ने खुलासा किया कि बाहरी ताकतें इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए कर रही हैं।

बगदाद: इराकी विदेश मंत्री फुआद हुसैन ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि सरकार के पास ऐसी जानकारियां हैं, जिनसे पता चलता है कि बाहरी ताकतें पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य हमलों के लिए इराक की जमीन का इस्तेमाल कर रही हैं।
7 नवंबर, 2026 को अल जजीरा से बात करते हुए मंत्री हुसैन ने चिंता जताई कि इराक टकराव का मुख्य केंद्र बन सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब भी जारी है और सैन्य तनाव फिर से बढ़ सकता है।
विदेश मंत्री ने देश के भीतर सक्रिय सशस्त्र गुटों को आगाह किया है कि वे जवाबी कार्रवाई में शामिल न हों और न ही इराकी मिट्टी से हमलों की सुविधा प्रदान करें।
क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों के बीच इराकी प्रधानमंत्री अली फालिह अल-ज़ैदी ने राजनयिक प्रयासों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि बगदाद अपनी जमीन को किसी भी हमले के लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा।
प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी ने राज्य की संप्रभुता के सम्मान और राजनयिक समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया है। इन जोखिमों से निपटने के लिए इराकी संघीय सरकार ने आपातकालीन आकस्मिक योजनाएं शुरू कर दी हैं।
इन उपायों के तहत ईरान और सीरिया के साथ साझा सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां तैनात की गई हैं। सैन्य कमांडरों को अवैध सशस्त्र समूहों की अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक अधिकार दिए गए हैं।
यह कदम ऐसी चिंताओं के बाद उठाए गए हैं कि ईरान से जुड़े सशस्त्र समूह, जो संभवतः इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के आदेशों पर काम कर रहे हैं, अपने टारगेट लिस्ट को अपडेट कर रहे हैं। बगदाद अब अंतरराष्ट्रीय दूतों और क्षेत्रीय भागीदारों के साथ गहन चर्चा कर रहा है ताकि शत्रुता को फैलने से रोका जा सके और आंतरिक सुरक्षा बनी रहे।