सऊदी पाइपलाइन पर ड्रोन हमला, इराक ने Maysan प्रांत से खोजे 15 लॉन्च पैड.

सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमलों के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इराकी सुरक्षा बलों ने Maysan province से कुल 15 drone launch platforms बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल सऊदी अरब को निशाना बनाने के लिए किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है। आम जनता और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी इस सुरक्षा चूक को लेकर चिंता का माहौल बन गया है।
सऊदी अरब की पाइपलाइन पर हुआ था हमला
यह पूरी घटना लगभग 10 or 11 September 2026 के आसपास की है, जब सऊदी अरब की प्रसिद्ध East-West oil pipeline को निशाना बनाया गया था। यह हमला Riyadh और Madinah regions में स्थित तेल बुनियादी ढांचे पर हुआ था। इस अप्रत्याशित हमले की वजह से वहां कुछ लोग घायल हुए, बुनियादी ढांचे को मामूली नुकसान पहुंचा और एहतियात के तौर पर पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक Saudi Press Agency की रिपोर्ट से मिलती है।
इराकी प्रधानमंत्री का सख्त कदम और आंतरिक कार्रवाई
इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के बाद इराकी प्रधानमंत्री Ali Faleh al-Zaidi ने इस पूरी आक्रामकता की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इराक कभी भी अपनी जमीन या आसमान का इस्तेमाल किसी भी संप्रभु देश के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देगा। इस बड़ी चूक के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत एक्शन लेते हुए Maysan Operations Commander को उनके पद से बर्खास्त कर दिया। साथ ही, इस सुरक्षा असफलता के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के वास्ते एक विशेष जांच परिषद के गठन का आदेश भी दिया गया है।
ईरान और इराक मिलकर करेंगे संयुक्त जांच
सूत्रों के अनुसार, ये सभी लॉन्च पैड इराक और ईरान की सीमा के पास पाए गए थे। इसे देखते हुए इराकी सरकार ने ईरानी पक्ष के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है जिसमें इन साइटों की खोज को लेकर एक संयुक्त जांच करने की बात कही गई थी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को पूरी तरह से रोका जा सके और क्षेत्रीय शांति को बनाए रखा जाए।
सऊदी अरब का संयम और कूटनीतिक रुख
घटना के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की और अपनी संप्रभुता तथा नागरिकों की रक्षा करने के अपने अधिकार को पूरी तरह से दोहराया। हालांकि, इन सबके बावजूद रियाद ने फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य जवाबी कार्रवाई से बचने का फैसला किया है। सऊदी सरकार ने यह कदम इराकी प्रधानमंत्री के विशेष अनुरोध पर उठाया है, ताकि बगदाद सरकार को अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और अपनी जमीन से होने वाली हर तरह की hostile activity को रोकने के लिए पर्याप्त समय और समर्थन मिल सके।