उत्तरी इराक में राजनीतिक संकट, दो अलग सरकारें बनने का मंडराया खतरा
KDP और PUK के बीच विवाद गहराया। PUK ने कैबिनेट से हटने का ऐलान किया और अपनी अलग सरकार बनाने की चेतावनी दी है।

इराकी कुर्दिस्तान: उत्तरी इराक में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (KDP) और पैट्रियटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (PUK) के बीच नई सरकार बनाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि अब यहां दो प्रतिद्वंद्वी प्रशासन उभरने की आशंका जताई जा रही है।
यह संकट 4 नवंबर 2026 को कुर्दिस्तान संसद के फिर से शुरू होने के बाद गहराया है। दो साल के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में 100 में से 52 सदस्यों की उपस्थिति में KDP के वाला फरीद को स्पीकर चुना गया। उनके साथ deputy स्पीकर के तौर पर रामी नूरी और सचिव के रूप में मोना कहवाची का चुनाव हुआ।
इस घटनाक्रम के बाद 5 नवंबर को PUK नेता बाफेल जलाल तलबानी ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी आधिकारिक तौर पर कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (KRG) की नौवीं कैबिनेट से अलग हो रही है। तलबानी ने चेतावनी दी है कि अगर KDP ने प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की नियुक्तियों में एकतरफा फैसला लेना जारी रखा, तो PUK अपने गढ़ सुलेमानियाह में अपनी अलग समानांतर सरकार और प्रशासनिक ढांचा खड़ा कर लेगी।
विवाद की जड़ अक्टूबर 2024 के संसदीय चुनावों के बाद से चला आ रहा गतिरोध है। मुख्य विवाद वरिष्ठ सरकारी पदों और संप्रभु मंत्रालयों, खासकर आंतरिक मंत्रालय के नियंत्रण को लेकर है। 23 सीटें रखने वाली PUK ने 15 सीटों वाली 'न्यू जनरेशन मूवमेंट' (NGM) के साथ मिलकर संसदीय सत्र का बहिष्कार किया और मौजूदा प्रशासन को विफल बताया।
दूसरी ओर, KDP के प्रवक्ता महमूद मोहम्मद ने कहा कि संसद को दोबारा सक्रिय करने का उद्देश्य किसी एक पार्टी को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने यह भी साफ किया कि बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले हैं।
वर्तमान में पूर्व KRG कैबिनेट की स्थिति को लेकर कानूनी चुनौतियां इराकी संघीय सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। वहीं, 8 नवंबर 2026 को कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी-सीरिया (PDK-S) ने संस्थागत निरंतरता की आवश्यकता बताते हुए हालिया संसदीय सत्र का समर्थन किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति एक गंभीर राजनीतिक गतिरोध है, लेकिन फिलहाल इसे सशस्त्र संघर्ष की ओर बढ़ता कदम नहीं माना जा रहा है।