सऊदी अरब और खाड़ी देशों पर हमले का इराकी संसद ने किया कड़ा विरोध

क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इराकी संसद के डिप्टी स्पीकर ने सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के खिलाफ किसी भी संभावित हमले को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी तर्क या औचित्य दिया जाए, खाड़ी देशों के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का समर्थन नहीं किया जाएगा।
क्षेत्रीय शांति के लिए एकजुटता का संदेश
इराकी संसद के उपाध्यक्ष ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए दोहराया कि इराक इन पड़ोसी राष्ट्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की विरोधी कार्रवाई में शामिल होने या उसका समर्थन करने से इनकार करता है। यह आधिकारिक बयान क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सऊदी अरब में व्यापारिक नियमों का सख्त प्रवर्तन
एक ओर जहां राजनीतिक स्तर पर शांति की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब अपने आंतरिक व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। किंगडम में 'एंटी-कमर्शियल कंसीलममेंट प्रोग्राम' (तसत्तुर) के तहत अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।
इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सख्त प्रतिबंध: गैर-सऊदी व्यक्तियों के पास व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पूर्ण नियंत्रण रखने वाले उपकरण, जैसे कि खाली हस्ताक्षरित व्यावसायिक कागजात या अनुबंध रखना सख्त वर्जित है।
- कठोर दंड: इस कानून का उल्लंघन करने वालों को 5 साल तक की जेल, 5 मिलियन रियाल तक का जुर्माना, व्यवसाय का परिसमापन और गैर-सऊदी अपराधियों के लिए निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है।
- निरीक्षण अभियान: अगस्त 2026 में ही अधिकारियों ने 5,161 निरीक्षण दौरे किए, जिसमें व्यावसायिक गोपनीयता के 239 संदिग्ध मामले सामने आए।
नया प्रवर्तन कानून जल्द होगा लागू
सऊदी अरब वाणिज्यिक नियामक अनुपालन को और अधिक सशक्त बनाने की तैयारी कर रहा है। 28 अक्टूबर, 2026 से एक नया प्रवर्तन कानून लागू होने वाला है। इस कानून का उद्देश्य प्रमाणित अनुबंधों और औपचारिक दस्तावेजों के माध्यम से व्यापारिक पारदर्शिता को सुनिश्चित करना और धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम करना है।