आयरलैंड की रक्षा मंत्री ने की यूरोपीय यूनियन से मांग, इस्राइल बस्तियों पर लगाया जाए व्यापार प्रतिबंध.

Sushma Kumari1 September 20263 min read35 viewsWorld
आयरलैंड की रक्षा मंत्री ने की यूरोपीय यूनियन से मांग, इस्राइल बस्तियों पर लगाया जाए व्यापार प्रतिबंध.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के बीच आयरलैंड की रक्षा मंत्री और यूरोपीय यूनियन की मौजूदा अध्यक्ष Helen McEntee ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि यूरोपीय यूनियन द्वारा इस्राइल की बस्तियों के साथ व्यापार पर रोक लगाने के प्रयास अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं और मामला पूरी तरह से अटक गया है। यह बात उन्होंने एक सितंबर 2026 को आयरलैंड के काउंटी विकलो में हुई अनौपचारिक बैठकों के दौरान कही है। उन्होंने सभी यूरोपीय देशों से अपील की है कि वे बस्तियों के विस्तार को रोकने और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बढ़ रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से विवादास्पद ई1 बस्ती परियोजना का जिक्र किया जो दो-देशों के समाधान के लिए एक बड़ा खतरा बन रही है।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की सलाह और देशों के अलग-अलग रुख

यह पूरी बातचीत साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय यानी इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की तरफ से आई एक सलाह के बाद शुरू हुई है। उस सलाह में कहा गया था कि सभी देशों को इस्राइल के कब्जे का समर्थन करना बंद कर देना चाहिए और उन बस्तियों के साथ व्यापार करने से बचना चाहिए जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना गया है। यूरोपीय यूनियन के भीतर इस मामले को लेकर ब बंटी हुई राय दिखाई दे रही है। फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन और स्लोवेनिया जैसे कुछ देश व्यापार प्रतिबंधों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं जर्मनी, हंगरी और चेक गणराज्य जैसे देशों ने साफ कर दिया है कि वे इस तरह के पूर्ण प्रतिबंध का विरोध करेंगे और इसे लागू होने से रोकेंगे।

यूरोपीय अधिकारियों की राय और व्यापार की स्थिति

यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की प्रमुख Kaja Kallas ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं को बेहद परेशान करने वाला बताया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अभी तक यूरोपीय आयोग की तरफ से व्यापार प्रतिबंध का कोई भी औपचारिक प्रस्ताव पेश नहीं किया गया है। कुछ कानूनी सलाहकारों का मानना है कि यूरोपीय यूनियन की कार्यप्रणाली से जुड़ी संधि के अनुच्छेद 207 के तहत एक तय बहुमत से ही व्यापार से जुड़ा यह उपाय लागू किया जा सकता है, लेकिन यूरोपीय आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए सभी देशों की सहमति यानी सर्वसम्मति होना जरूरी है। फ्रांस के व्यापार मंत्री Nicolas Forissier ने जानकारी दी कि इस्राइल की इन बस्तियों के साथ होने वाला व्यापार साल 2025 में यूरोपीय यूनियन और इस्राइल के बीच हुए कुल €43.3 billion के व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा है, जो कि लगभग €76.5 million सालाना है। मंत्रियों ने इस शिखर सम्मेलन के दौरान तीन संभावित रास्तों पर चर्चा की जिनमें आयात लाइसेंस प्रणाली, भारी शुल्क या एक पूर्ण व्यापार प्रतिबंध शामिल है। इस बैठक में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया और मामले को आगे की चर्चा के लिए राजदूतों के पास भेज दिया गया है। आक्सफैम आयरलैंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Jim Clarken ने तुरंत कदम उठाने की मांग की है और यूरोपीय यूनियन से कहा है कि वह अनुच्छेद 207 का इस्तेमाल करके प्रतिबंध लागू करे और साथ ही इस्राइल के साथ हुए सहयोग समझौते को निलंबित करने पर भी विचार करे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment