यमन में हवाई हमले में ईरान के कुड्स फोर्स कमांडर अब्दोरजा शाहलाई और चार सैन्य विशेषज्ञ मारे गए
यमन के अल हुदैदह में हवाई हमले में ईरान के कुड्स फोर्स कमांडर अब्दोरजा शाहलाई और चार सैन्य विशेषज्ञों की मौत की खबर है।

यमन: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुड्स फोर्स के बड़े कमांडर अब्दोरजा शाहलाई की यमन में एक हवाई हमले में मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शाहलाई के साथ ईरान के चार सैन्य विशेषज्ञ भी मारे गए हैं। यह हमला पश्चिमी यमन के अल हुदैदह प्रांत के अल-काती इलाके में हुआ, जहां उनके वाहन को निशाना बनाया गया था।
खबरों के अनुसार यह हमला 26 अक्टूबर 2026 से करीब दस दिन पहले हुआ था। स्थानीय स्रोत और 'यमन फ्यूचर' आउटलेट ने इस हमले के लिए सऊदी युद्धक विमान को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसी चर्चा है कि शाहलाई की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद अमेरिकी खुफिया और लॉजिस्टिक मदद से यह ऑपरेशन पूरा किया गया।
इसी दौरान अल धले और इब्ब प्रांतों की सीमाओं पर स्थित अल हशा और सूक अल लेल इलाकों में भी हवाई हमले हुए। इन हमलों में हूतियों के जमावड़े और मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया। हालांकि, 26 अक्टूबर तक ईरान, अमेरिका या सऊदी अरब की तरफ से इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब्दोरजा शाहलाई, जिन्हें 'हाज यूसुफ' और 'हाज यासिर' जैसे नामों से भी जाना जाता था, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी में थे। अमेरिका ने उन्हें IRGC से जुड़े वित्तीय नेटवर्क और सैन्य गतिविधियों की देखरेख के कारण आतंकवादी घोषित किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' प्रोग्राम ने उनके वित्तीय ऑपरेशंस की जानकारी देने वाले के लिए 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की थी।
अमेरिकी अधिकारियों ने शाहलाई पर वॉशिंगटन में सऊदी राजदूत की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इससे पहले 3 जनवरी 2020 को, जिस दिन कासिम सुलेमानी की इराक में मौत हुई थी, अमेरिका ने यमन में शाहलाई को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह नाकाम रही थी।
शाहलाई साल 2014 में सना पर हूतियों के कब्जे से पहले यमन पहुंचे थे। कुछ समय के लिए वहां से हटने के बाद वे नवंबर 2025 में दोबारा इस क्षेत्र में लौटे थे।