Iran News: दक्षिण-पूर्व ईरान में बड़ी झड़प, IRGC कमांडर ब्रिगेडियर हुसैन ज़रीफ़ी की मौत

ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ सुरक्षा बलों और एक सशस्त्र समूह के बीच हुई भारी गोलीबारी में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के एक बड़े कमांडर की मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। ईरानी मीडिया और आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार मारे गए अधिकारी की पहचान ब्रिगेडियर हुसैन ज़रीफ़ी के रूप में हुई है जो देश के सारवान काउंटी में स्थित शाहिद साजाद ऑपरेशनल बेस की कमान संभाल रहे थे।
कहाँ और कैसे हुई यह झड़प
यह पूरी हिंसक घटना 23 सितंबर 2026 को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के सारवान क्षेत्र के जिहादाबाद इलाके में हुई। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि IRGC के सुरक्षा बल वहां गश्त पर थे और उन्हें एक ऐसे आतंकवादी संगठन की जानकारी मिली थी जो इलाके में टारगेट किलिंग यानी चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। सुरक्षा बलों ने जब इस संदिग्ध गिरोह को घेरने की कोशिश की तो दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई जो काफी देर तक चलती रही।
इस भीषण मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित आतंकवादी सेल के तीन सदस्यों को ढेर कर दिया जबकि कई अन्य लोगों को जिंदा पकड़ लिया गया। सरकारी अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस झड़प के बाद मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोलियों का जखीरा बरामद किया गया है जो इस बात का संकेत है कि ये लोग किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। सिस्तान और बलूचिस्तान के डिप्टी गवर्नर ने मीडिया को बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस खतरनाक समूह को समय रहते निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बहुत जल्द आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।
इलाके में पहले से थी अशांति
मानवाधिकार संगठन हालवश ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस संघर्ष के दौरान इलाके में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं और सुरक्षा कारणों से कई मुख्य सड़कों को बंद करना पड़ा। स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया था। गौरतलब है कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में पिछले कुछ समय से लगातार हिंसा और अस्थिरता की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले 12 सितंबर 2026 को भी सारवान में इसी तरह की एक अन्य झड़प हुई थी जिसमें चार ऐसे लोग मारे गए थे जिन्हें IRGC ने आतंकवादी करार दिया था और साथ ही तीन ईरानी सैनिक भी अपनी जान गंवा बैठे थे।
प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक मारे गए ब्रिगेडियर हुसैन ज़रीफ़ी का अंतिम संस्कार आने वाले शुक्रवार को सारवान शहर में ही आयोजित किया जाएगा जिसमें सेना और सरकार के कई बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इस घटना के बाद से दक्षिण-पूर्व ईरान की सीमाओं पर सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।