कुड्स फोर्स कमांडर गानी की अमेरिका को चेतावनी, रेजिस्टेंस फ्रंट पहुंचा सकता है भारी चोट
IRGC के कमांडर इस्माइल गानी ने अमेरिका को 'जुआ खेलने' जैसी व्यवहार बंद करने की चेतावनी दी है और कहा कि रेजिस्टेंस फ्रंट भारी हमला कर सकता है।

तेहरान (ईरान): इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुड्स फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल गानी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह ईरान के साथ युद्ध में अपना 'जुआ खेलने' जैसा व्यवहार जारी न रखे। उन्होंने कहा कि एकजुट रेजिस्टेंस फ्रंट क्षेत्र में समन्वित कार्रवाई के जरिए वॉशिंगटन को भारी चोट पहुंचाने में सक्षम है।
सेपाहन्यूज को दिए एक इंटरव्यू में गानी ने अमेरिकी नेताओं को आगाह किया कि वे रेजिस्टेंस फ्रंट की क्षमताओं और रणनीतिक पहुंच को कम न आंकें। उन्होंने दावा किया कि रेजिस्टेंस फोर्स अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अलग-अलग क्षेत्रीय मंचों पर एकजुट हो चुके हैं।
गानी के मुताबिक, रेजिस्टेंस फ्रंट की रणनीतिक गहराई को केवल हथियारों की रेंज से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा कि गैर-जिम्मेदार अमेरिकी नेताओं को पता होना चाहिए कि आज पूरा रेजिस्टेंस एक फ्रंट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फ्रंट की गहराई की गणना करते समय हथियारों के साथ-साथ रेजिस्टेंस की गहराई को भी ध्यान में रखना होगा।
समुद्री रास्तों का जिक्र करते हुए कुड्स फोर्स कमांडर ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वह खुद को ऐसी स्थिति में पाएगा जहां उसे होर्मुज जलडमरूमध्य में हथियारों से लड़ना होगा और साथ ही रेजिस्टेंस के जरिए बाब अल-मंडब के खुलने का सामना करना पड़ेगा।
गानी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के लिए गुमराह किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष ने अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाया है और होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉशिंगटन को झटका लगा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिका के रुख ने ही रेजिस्टेंस फ्रंट को बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में कार्रवाई की धमकी देने के लिए प्रेरित किया, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। गानी ने साफ किया कि अगर अमेरिका अपना यह व्यवहार जारी रखता है, तो रेजिस्टेंस फ्रंट जमीन पर और अपनी रणनीतिक गहराई के जरिए गणनात्मक हमले कर सकता है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के भीतर राजनयिक कोशिशें भी जारी हैं। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने सैन्य नेतृत्व से संघर्ष रोकने के लिए कतर द्वारा मध्यस्थता वाले प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है। कतर के दूत इस प्रस्तावित ढांचे पर ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने के लिए तेहरान पहुंचे थे।
विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत अब बेहद गहन हो गई है और राजनयिक प्रयासों के तहत प्रतिनिधिमंडल एक-दूसरे का दौरा कर रहे हैं और संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।