IRGC की चेतावनी, अमेरिका और इसराइल को छोड़ना होगा क्षेत्र, हार्मोनज़ जलडमरूमध्य रहेगा बंद

क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने एक बड़ा बयान दिया है। IRGC ने साफ कह दिया है कि अमेरिका और इसराइल को इस क्षेत्र से अंततः बाहर जाना ही होगा और उनकी नीतियां फेल हो चुकी हैं। ईरान का दावा है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था ने अमेरिका और इसराइल के प्रभाव को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। इस बीच, आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि तनाव का असर व्यापार और सामान्य जीवन पर कैसे पड़ेगा।
शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा रास्ता
IRGC के प्रवक्ता कर्नल Hussein Mohbei ने संघर्ष को खत्म करने के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में अमेरिकी सैन्य अभियानों को रोकना, लेबनान से इसराइली सेना की वापसी, यमन पर लगे नाकाबंदी को हटाना, $24 billion यानी करीब चौबीस अरब डॉलर की फ्रोजन ईरानी संपत्ति को रिलीज करना और ईरान के परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों में दखल न देना शामिल है। इसके अलावा, संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने पुष्टि की है कि Strait of Hormuz यानी हार्मोनज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा। यह नाकाबंदी February 28, 2026 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से लागू है और तब तक जारी रहेगी जब तक ये सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं।
अमेरिका का सख्त रुख और नए प्रतिबंध
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत Mike Waltz ने इन मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं हासिल करने देने के अपने फैसले पर पूरी तरह कायम हैं। अमेरिकी प्रशासन अधिकतम दबाव की रणनीति पर काम कर रहा है। Mike Waltz ने ईरान की तरफ से रखी गई प्रतिबंधों से राहत की मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अव्यवहारिक बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के लिए रास्ते अभी भी खुले हैं। अमेरिका का मानना है कि वर्तमान ईरानी शासन 1979 के बाद से अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है और इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अभी कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है। इस बीच, अमेरिकी वित्त सचिव Scott Bessent ने घोषणा की है कि September 23, 2026 से ईरान के एविएशन सेक्टर यानी विमानन क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इससे दुनिया भर में ईरानी एयरलाइंस के विमान खड़े हो जाएंगे और उन देशों पर भी असर पड़ सकता है जो इन एयरलाइंस को सेवाएं देते हैं। इस पूरे तनाव और हार्मोनज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक लॉजिस्टिक्स पर बहुत बुरा असर पड़ा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, रास्ते बंद होने के कारण 100 से अधिक कमर्शियल जहाजों के रूट बदलने पड़े हैं, जिसका असर सामानों की ढुलाई और वैश्विक व्यापार पर साफ दिखाई दे रहा है।