Iran News: ईरान में बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन, IRGC ने आतंकवादी सेल किया तबाह, एक ढेर और छह गिरफ्तार.

शनिवार, 29 अगस्त 2026 को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पाकिस्तान की सीमा से लगे सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के स्रावान इलाके में सुरक्षा बलों ने एक खतरनाक आतंकवादी गिरोह के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस साझा ऑपरेशन में IRGC ग्राउंड फोर्स के कुड्स हेडक्वार्टर, प्रांतीय खुफिया विभाग, IRGC खुफिया संगठन और देश की राष्ट्रीय पुलिस बल ने मिलकर काम किया, जिससे इस आतंकी नेटवर्क की कमर टूट गई।
आतंकी संगठन जैश उल-Adl से जुड़े थे तार
आधिकारिक बयानों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने इस कार्रवाई के दौरान एक कथित आतंकवादी को मार गिराया और छह अन्य को जिंदा पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों से पूछताछ जारी है ताकि उनके बाकी साथियों का भी पता लगाया जा सके। IRGC ने जानकारी दी है कि यह तबाह किया गया सेल 'जैश उल-Adl' नामक आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। अधिकारियों का यह भी दावा है कि इस यूनिट के तार अमेरिका और इसराइल से जुड़े हुए थे। इस समूह की योजना प्रांत के दक्षिणी इलाकों में कुछ चुनिंदा जगहों पर बड़े हमले करने की थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने आतंकियों के ठिकाने से हथियारों और उपकरणों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। बरामद की गई चीजों में 20 किलोग्राम C4 विस्फोटक शामिल है, जो 20 अलग-अलग पैकेट में रखे गए थे। इसके अलावा बड़ी मात्रा में हल्के और अर्ध-भारी हथियार, दर्जनों एके-47 असॉल्ट राइफल, हैंड ग्रेनेड, एक आरपीजी-7 लॉन्चर, 150 राउंड सैन्य गोला-बारूद और स्टारलिंक संचार हार्डवेयर भी हाथ लगे हैं, जिससे यह साबित होता है कि ये लोग आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे।
पहले की वारदातों से भी जुड़े हैं तार
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए लोग स्रावान काउंटी में पहले भी कई हिंसक वारदातों में शामिल रहे हैं। इन अपराधियों ने पिछले महीने एक IRGC जवान की हत्या कर दी थी। इसके अलावा, 21 मार्च से 20 अप्रैल 2026 के बीच कई कानून प्रवर्तन कर्मियों की मौत के पीछे भी इसी गिरोह का हाथ था। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस तथा खुफिया एजेंसियां मिलकर आगे की छानबीन कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े हर एक शख्स को कानून के दायरे में लाया जा सके।