होर्मुज़ जलडमरूमध्य में IRGC का तीसरा सुपरटैंकर पर हमला, जहाज़ में आग

होर्मुज़ जलडमरूमध्य: खाड़ी के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर सीधे टकराव की शक्ल लेता दिख रहा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि उसने इसी जलडमरूमध्य के भीतर एक और सुपरटैंकर को निशाना बनाया है। इस हमले में जहाज़ पर आग लगने की बात सामने आई है।
IRGC के मुताबिक़ यह जहाज़ निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसने अपना नेविगेशन सिस्टम बंद कर रखा था और चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया। प्रेस टीवी और कुछ अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट में भी यही दावा दोहराया गया है। ईरानी अधिकारियों ने इस हरकत को व्यवस्था और सुरक्षा को बिगाड़ने की कोशिश बताया है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 10 अक्टूबर से अब तक इसी जलमार्ग में यह तीसरी ऐसी घटना है, और पिछले दोनों मामलों में भी लगभग यही तर्क दिया गया था।
नई चेतावनी से बढ़ी चिंता
IRGC ने साफ़ कहा है कि जो भी जहाज़ इस जलडमरूमध्य से गुज़रते समय अपना नेविगेशन सिस्टम चालू नहीं रखेगा, उसे "शत्रुतापूर्ण लक्ष्य" माना जाएगा। नौसेना ने यह चेतावनी भी दी है कि खाड़ी में अमेरिकी सेना के साथ तालमेल कर रहे व्यावसायिक जहाज़ और तेल टैंकरों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने अमेरिकी सेंटकॉम के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर पर इस इलाके में तेल तस्करी चलाने का आरोप लगाया है और इसमें संयुक्त अरब अमीरात की सेना की मदद का दावा किया है। अमेरिका के उस दावे को भी उन्होंने खारिज किया है कि जलडमरूमध्य खुला है। ये आरोप अभी केवल ईरानी पक्ष के हैं।
हालात की गंभीरता इस बात से भी समझ आती है कि 11 अक्टूबर को UKMTO यानी ब्रिटेन के समुद्री व्यापार ऑपरेशन केंद्र ने बताया कि होर्मुज़ में