ईरान का बड़ा बयान, इसफ़हान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले की खबर निकली पूरी तरह झूठी.

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में साफ तौर पर उन सभी खबरों को खारिज कर दिया गया है जिनमें इसफ़हान के न्यूक्लियर प्लांट पर किसी भी तरह के हमले का दावा किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं जिनमें यह कहा गया था कि अमेरिका और इजराइल की सेना ने मिलकर ईरान के इस केंद्रीय प्रांत के परमाणु ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। आम जनता के बीच इन झूठी खबरों की वजह से काफी ज्यादा चिंता और भ्रम का माहौल पैदा हो गया था, जिसे शांत करने के लिए यह आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है।
सोशल मीडिया की अफवाहों पर पूरी तरह रोक
अपने औपचारिक बयान में IRGC ने साफ शब्दों में कहा कि ये तमाम रिपोर्टें सरासर झूठ और बेबुनियाद हैं। संगठन ने पुष्टि की कि जायोनी यानी इजरायली शासन या संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ से इस क्षेत्र में ऐसी कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों ने इन सभी अफवाहों को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनका मानना है कि कुछ दुश्मन ताकतें इस बेहद संवेदनशील समय के दौरान जानबूझकर तनाव पैदा करना चाहती हैं, आम लोगों के मन में डर बिठाना चाहती हैं और देश की मानसिक शांति को भंग करना चाहती हैं। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय हालात पहले से ही काफी नाजुक हैं, इस तरह की झूठी बातें केवल जनता को डराने का काम करती हैं।
अधिकारियों की जनता से खास अपील
सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, IRGC ने देश के सभी नागरिकों से यह आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह के अप्रमाणित दावों, पुरानी तस्वीरों या फिर कम भरोसेमंद स्रोतों से आने वाली जानकारियों को आगे शेयर करने से पूरी तरह बचें। संगठन ने साफ तौर पर सलाह दी है कि सभी लोगों को सुरक्षा हालात और संभावित घटनाओं के बारे में सही जानकारी पाने के लिए केवल और केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और भरोसेमंद मीडिया संस्थानों पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी भी सुनी-सुनाई बात पर यकीन करने से बचना चाहिए ताकि समाज में अनावश्यक रूप से डर और अफरा-तफरी का माहौल न बने।