IRGC का बड़ा बयान, बातचीत भी एक जंग है, अमेरिका के पास युद्ध की ताकत नहीं.

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने 22 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ चल रहे संघर्ष में बातचीत भी एक तरह का युद्ध का मैदान है। पवित्र रक्षा सप्ताह के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए मोहेब्बी ने साफ किया कि ईरान कूटनीति को पारंपरिक हथियारों के बजाय शब्दों, तर्कों और कूटनीतिक तरीकों से लड़ी जाने वाली जंग के रूप में देखता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन के पास फिलहाल नया युद्ध शुरू करने की कोई क्षमता नहीं है और चेतावनी दी कि अगर कोई भी हमला हुआ तो ईरानी सेना की तरफ से करारा जवाब दिया जाएगा।
ईरान की नई तैयारी और हथियार
मोहेब्बी ने बताया कि अगर कोई नया संघर्ष शुरू होता है, तो ईरान लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है और वह युद्ध के हथियारों और भूगोल दोनों को बदल देगा। उन्होंने घोषणा की कि ईरान ने एक नया हथियार सफलतापूर्वक टेस्ट किया है जिसे खासतौर पर अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। उनका कहना था कि इन नए सिस्टम की ताकत देखकर पूरी दुनिया हैरान रह जाएगी। इसके अलावा, प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि ईरान ने ऐसे नए टारगेट की पहचान कर ली है जिन पर अभी तक हमला नहीं हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की रक्षा क्षमताओं ने अमेरिका और इस्राइल के प्रभाव को कमजोर कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और क्षेत्रीय तनाव
IRGC का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क रवाना हो गए हैं। यह कूटनीतिक दौरा ऐसे माहौल में हो रहा है जब आर्थिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने घोषणा की है कि ईरान की एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से रोकने वाले नए प्रतिबंध 23 सितंबर से लागू हो रहे हैं। इन पाबंदियों के असर के चलते इराक ने आज से ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों को निलंबित करना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमेरिकी प्रतिबंधों का सार्वजनिक रूप से विरोध किया और उन्हें गैरकानूनी बताया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान को लेकर फैसला लेने की स्थिति में हैं और उन्होंने UNGA में राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मिलने की संभावना पर भी खुलापन दिखाया है, जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची का कहना है कि ईरान अभी भी युद्ध की स्थिति में बना हुआ है।