स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तीन टैंकरों के माइन्स की चपेट में आने से लगी आग ईरान ने अवैध रास्तों के इस्तेमाल को बताया वजह

तेहरान: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के दक्षिणी हिस्से में तीन तेल टैंकरों के समुद्री माइन्स की चपेट में आने से उनमें भीषण आग लग गई। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि ये जहाज उन रास्तों से गुजरने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने अवैध या अनधिकृत घोषित किया है।
20 अक्टूबर 2026 को IRGC ने पहले दो टैंकरों के माइन्स से टकराने और उनमें आग लगने की जानकारी दी थी। इसके बाद 21 अक्टूबर तक एक और सुपरटैंकर धमाके की चपेट में आया और उसमें आग लग गई। बताया गया है कि इस तीसरे जहाज में 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा हुआ था।
IRGC के मुताबिक इस तीसरे जहाज ने अपना रडार और नेविगेशन सिस्टम बंद कर रखा था और ईरानी नौसेना की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। ईरान ने साफ किया है कि फारस की खाड़ी और ओमान के सागर में अनधिकृत रास्तों का उपयोग करने वाले जहाज मालिकों और चालक दल को ही इसके परिणामों के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
तेहरान ने इन कदमों को आत्मरक्षा का अधिकार बताया है। ईरान का कहना है कि 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई सैन्य आक्रामकता के बाद उसने इस रणनीतिक जलमार्ग को ब्लॉक करने और सभी समुद्री यातायात के लिए अनुमति अनिवार्य करने का फैसला किया है।
इससे पहले 19 अक्टूबर को ओमान के दुक्म के पास एक टैंकर और सैन्य बलों के बीच घटना की रिपोर्ट यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दी थी।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने ईरान की इन कार्रवाइयों पर आपत्ति जताई है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा कि समुद्री माइन्स एक गंभीर खतरा हैं और वह जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते।
IMO ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान द्वारा लागू किया गया ट्रांजिट ढांचा, जिसमें टोल और सुरक्षा शुल्क शामिल हैं, संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के खिलाफ है। यह संधि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से 'ट्रांजिट पैसेज' की गारंटी देती है।
दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान द्वारा लगाए गए इस ब्लॉकैड का जवाब देते हुए ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी ब्लॉकैड लागू कर दिया है।