आयरिश राष्ट्रपति ने ट्रंप को टोका, कहा युद्ध और नरसंहार को कभी नहीं माना जा सकता सामान्य.

दुनिया भर में चल रहे युद्ध और हिंसा के माहौल के बीच आयरलैंड की तरफ से एक बहुत ही कड़ा संदेश सामने आया है। आयरलैंड की राष्ट्रपति Catherine Connolly ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ हुई मुलाकात के दौरान साफ कर दिया कि दुनिया में हो रहे नरसंहार और युद्ध को कभी भी आम बात या सामान्य स्थिति के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब पूरी दुनिया के तमाम देशों में पुराने और लंबे समय से चल रहे संघर्षों को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है और हर कोई शांति की तलाश में जुटा हुआ है।
मुलाकात के बाद सामने आया बयान
बेरूत से मिली जानकारी के मुताबिक 12 सितंबर को यह अहम मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद जारी किए गए आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति Catherine Connolly ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, संयुक्त राष्ट्र के नियमों और वैश्विक शांति प्रयासों के प्रति आयरिश जनता की मजबूत सोच को पूरी मजबूती के साथ रखा। उन्होंने इस बात पर भी खास जोर दिया कि साल 1958 से लेकर अब तक संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में आयरलैंड ने लगातार अपना बड़ा योगदान दिया है और देश आगे भी इस भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाता रहेगा।
आयरलैंड का पुराना और कठिन इतिहास
बातचीत के दौरान आयरिश राष्ट्रपति ने अपने देश के पुराने दौर और संघर्षों को भी बहुत ही गहराई से याद किया। उन्होंने बताया कि आयरलैंड ने अपने इतिहास में अकाल का दर्द, उपनिवेशवाद की मार और 'The Troubles' के दौर में हिंसा का एक बहुत ही लंबा और डरावना दौर झेला है। इन तमाम कड़े अनुभवों और उसके बाद शांति स्थापित करने की लंबी और मुश्किल प्रक्रिया ने ही वहां के आम लोगों और देश को संघर्षों को सुलझाने के लिए एक अलग और अनोखा नजरिया दिया है। यही वजह है कि आयरलैंड आज भी दुनिया के उन सभी देशों और संगठनों के साथ मजबूती से खड़ा है जो युद्ध से पीड़ित इलाकों में स्थाई शांति लाने के लिए काम कर रहे हैं।
वैश्विक शांति और सहयोग की जरूरत
अपनी इस बातचीत के दौरान आयरिश राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज के समय में दुनिया को शांति, आपसी सहयोग और किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की बहुत ज्यादा जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सालों से चल रहे झगड़ों को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और न ही इनसे होने वाली तबाही को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा माना जा सकता है। इस पूरी बैठक के बारे में अधिक जानकारी आप Hindusthan Samachar के माध्यम से भी देख सकते हैं जहाँ इस खबर को विस्तार से प्रकाशित किया गया है।