Islamabad Hospital Fire: पाकिस्तान की राजधानी में अस्पताल की आग में 14 नवजात बच्चों की मौत, शोक में डूबे परिवार.

Aanya27 August 20263 min read54 viewsEnglish
Islamabad Hospital Fire: पाकिस्तान की राजधानी में अस्पताल की आग में 14 नवजात बच्चों की मौत, शोक में डूबे परिवार.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के मदर एंड चाइल्ड सेंटर में लगी भीषण आग के बाद, जान गंवाने वाले 14 मासूम बच्चों के शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले इन नवजात शिशुओं के अंतिम संस्कार 27 अगस्त 2026 को शुरू हुए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है और हर आंख नम दिखाई दी। यह दिल दहला देने वाली घटना बुधवार, 26 अगस्त 2026 की सुबह तड़के पेश आई, जिसने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शुरुआती खबरों में एयर कंडीशनर में विस्फोट होने की बात सामने आ रही थी, लेकिन अस्पताल की एक प्रारंभिक रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा किया कि सुबह 6:38 बजे एक चिंगारी उठी थी। इस चिंगारी ने नेबुलाइजर को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद नर्सरी के अंदर मौजूद अत्यधिक ऑक्सीजन की मात्रा ने आग को बेहद तेजी से भड़का दिया। इस भयानक हादसे के बीच राहत की बात यह रही कि अस्पताल के कर्मचारियों ने एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जिसे बचाने में कामयाबी हासिल हुई।

परिजनों के गंभीर आरोप और प्रशासन की सफाई

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इस दुखद हादसे के बाद बच्चों के परिवारवालों और वहां मौजूद लोगों ने अस्पताल के स्टाफ और आपातकालीन सेवाओं पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि मदद मिलने में बहुत देरी हुई और मौके पर दरवाजे बंद मिले, जिसके बाद गुस्से में आकर कुछ माता-पिता ने खुद ही खिड़कियां तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की। हालांकि, PIMS के अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि स्टाफ ने बहादुरी दिखाते हुए नर्सरी से एक बच्चे, एक दूसरे कमरे से चार बच्चों और तीन माताओं को सुरक्षित बचाया था। इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त सोहिल अशरफ ने जानकारी दी कि सुबह 7 बजे फोन आने के ठीक बाद राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। इसके अलावा, अस्पताल के मैनेजमेंट ने यह भी दावा किया कि मौके पर 35 अग्निशामक यंत्रों यानी फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया गया था और सभी इमरजेंसी गेट पूरी तरह से खुले हुए थे।

प्रधानमंत्री ने दिए जांच के आदेश और उठाए बड़े कदम

इस बड़े हादसे के बाद देश के प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज शरीफ ने इस घटना को एक ऐसा नुकसान बताया जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त संघीय सचिव शाहिद खान की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। इस जांच समिति को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह 48 घंटे के भीतर अपनी शुरुआती सिफारिशें सौंपे और पूरे पांच दिनों के अंदर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। इस बड़ी लापरवाही के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत एक्शन लेते हुए संघीय स्वास्थ्य सचिव अस्लम गौरी को निलंबित कर दिया। वहीं, संघीय स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने खुद यह बात मानी कि उस अस्पताल की इमारत में आग बुझाने के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगा हुआ था और प्रशासनिक चूक के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए आग से सुरक्षा से जुड़ी सभी कमियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

इस दर्दनाक घटना के बाद पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन और यूनिसेफ जैसी संस्थाओं ने देश भर के सभी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की नए सिरे से और जल्द से जल्द समीक्षा करने की अपील की है। इस मुश्किल समय में सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों ने भी अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। दूसरी तरफ, पंजाब प्रांतीय सरकार ने भी अपने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का तुरंत प्रभाव से सुरक्षा ऑडिट कराने का सख्त आदेश जारी कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी दर्दनाक घटना को होने से रोका जा सके।

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