इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च आज, सरकार और पीटीआई में बातचीत बेनतीजा

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज होने वाले इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। सरकार और विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए हुई अहम बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। दोनों पक्षों के बीच बुनियादी मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण राजनीतिक अनिश्चितता और तनाव काफी बढ़ गया है।
बातचीत में कहां फंसा पेंच?
नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। पीटीआई के नेताओं का कहना था कि जेल में बंद पार्टी संस्थापक इमरान खान तक उनके निजी डॉक्टर की पहुंच और मुलाकात के मामलों पर अभी भी मतभेद बरकरार हैं। इसके अलावा, विस्थापित लोगों वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों को लेकर भी स्पष्टता मांगी गई थी। दूसरी ओर, सरकार का साफ कहना था कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है और प्रांतीय सरकारों को अपनी संवैधानिक भूमिका निभानी होगी।
तय कार्यक्रम के अनुसार होगा प्रदर्शन
वार्ता विफल होने के बाद पीटीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका नियोजित विरोध प्रदर्शन अपने तय समय और कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे राजनीतिक संवाद के पक्षधर थे और चाहते थे कि बात किसी सकारात्मक नतीजे पर पहुंचे, लेकिन सरकार के रुख के चलते समझौता नहीं हो सका। हालांकि, पार्टी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि विरोध के दौरान किसी भी तरह की अशांति फैलाने से बचा जाएगा।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी
इस बीच, सरकारी तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली है। सरकार के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि लॉन्ग मार्च को इस्लामाबाद की सीमाओं के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटने की चेतावनी दी गई है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी इस पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है, जिससे आने वाले घंटों में स्थिति के और अधिक तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।