इजरायली वायुसेना ने गाजा में हवाई हमले कर हमास के दो सैन्य कमांडरों को मार गिराया
इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी में हवाई हमले कर हमास के दो सैन्य कमांडरों को खत्म किया है। इजरायल ने हमास पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

तेल अवीव: इजरायली वायुसेना ने शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर गाजा पट्टी में अलग-अलग हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में हमास की सैन्य शाखा के दो कमांडरों को मार गिराया गया है। इजरायल ने आरोप लगाया है कि हमास ने व्यवस्थित तरीके से युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि शनिवार को दक्षिण गाजा के गाजा सिटी इलाके में हमला कर मुहम्मद खलावा को खत्म किया गया। खलावा हमास की सैन्य शाखा के मिलिट्री इंटेलिजेंस एरे में कमांडर था।
इससे पहले पिछले गुरुवार को एक और हमले में अहमद जाहेर फौआद अबू-उदेह को मारा गया। वह हमास की सैन्य शाखा में इंजीनियरिंग कमांडर के पद पर तैनात था। वायुसेना के मुताबिक इन दोनों को हवाई हमले का निशाना बनाया गया ताकि उनके जरिए पैदा होने वाले खतरों को हटाया जा सके।
इजरायली वायुसेना ने कहा कि युद्ध के दौरान और हाल के समय में आतंकवादियों ने इजरायली सेना और नागरिकों के खिलाफ आतंकी बुनियादी ढांचे तैयार किए हैं। हमास ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए अपनी क्षमताओं को फिर से बहाल करने की कोशिश की है।
सुरक्षा बलों ने बताया कि वे समझौते के अनुसार इलाके में तैनात हैं और किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए काम करना जारी रखेंगे।
इसी बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बॉर्डर पुलिस और सुरक्षा एजेंसी के साथ जुडिया और समरिया में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया है। इस दौरान करीब 40 इलाकों और 400 स्थानों पर छापेमारी कर 40 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
सेना के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में हमास और इस्लामिक जिहाद से जुड़े लोग शामिल हैं। इनमें उकसावे, सार्वजनिक अव्यवस्था और पत्थरबाजी में शामिल संदिग्ध भी हैं।
इसके अलावा हीब्रोन इलाके में एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया। यह कार्रवाई शुक्रवार को हुए उस हमले के बाद की गई जिसमें दो इजरायली सैनिक मारे गए थे और कुछ अन्य घायल हुए थे। सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद आतंकी ढांचे को नष्ट करना और भविष्य के हमलों को रोकना था।
IDF ने बताया कि हीब्रोन हमले वाली जगह पर उन अवैध ढांचों को गिरा दिया गया है, जिनका इस्तेमाल हमलावरों ने इजरायली सैनिकों पर फायरिंग के दौरान कवर के तौर पर किया था। इस दौरान नागरिकों को निर्धारित स्क्रीनिंग पॉइंट्स के जरिए अस्थायी रूप से इलाका छोड़ने की अनुमति दी गई थी।