Lebanon War Update: इसराइल का लेबनान पर बड़ा हमला, कफर रेमान और नबातियेह में भारी तबाही.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इस्राइली सेना ने एक बार फिर से भारी गोलाबारी और हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। रविवार, 6 सितंबर 2026 को इस्राइली सेना ने कफर रेमान शहर के बाहरी इलाकों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हमले किए। इस ताजा सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले कफर रेमान में एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत पूरी तरह से जमींदोज़ हो गई थी और आसपास के इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इस्राइली युद्धक विमानों ने उसी दिन नबातियेह अल-फवका पर भी बमबारी की, जिसकी वजह से प्रसिद्ध गंधौर अस्पताल पूरी तरह से नष्ट हो गया। इसके अलावा जवततार अल-शार्कियाह क्षेत्र में भी कई हमलों की पुष्टि की गई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
हिजबुल्लाह पर उल्लंघन का आरोप और हमलों की वजह
लेबनान में हिंसा का यह दौर तब और ज्यादा भड़क गया जब इस्राइली सेना ने हिजबुल्लाह पर युद्धविराम के 'घोर उल्लंघन' का गंभीर आरोप लगाया। इस्राइली सेना के मुताबिक, सुरक्षा क्षेत्र में तैनात उनके सैनिकों पर दो ड्रोन दागे गए थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। हालांकि इस ड्रोन हमले में किसी भी इस्राइली सैनिक के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन इसके बावजूद इस्राइली सेना ने अरब सलीम के लोगों के लिए खाली करने की चेतावनी जारी कर दी है। सेना का कहना है कि वे उन ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर हिजबुल्लाह द्वारा किया जा रहा था।
पिछले कुछ दिनों में बढ़ी खूनी झड़पें
लेबनान में हिंसा की ये घटनाएं अचानक नहीं बढ़ी हैं, बल्कि पिछले कुछ दिनों में लगातार घातक हमले देखने को मिले हैं। इससे पहले शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को कफर रेमान में हुए एक इस्राइली हवाई हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और 23 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसी दिन एक अन्य हमले में शहर के भीतर एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई थी। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी NNA की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 सितंबर को हुए इस्राइली हमलों और गोलाबारी की चपेट में टायर और नबातियेह जिलों के कम से कम सात शहर आ गए थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय और राहत एजेंसियों के आंकड़े
लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़े इस संघर्ष की विभीषणता को साफ तौर पर बयां करते हैं। मंत्रालय के डेटा के अनुसार, अक्टूबर 2023 से लेकर सितंबर 2026 तक चले इस सैन्य संघर्ष में पूरे देश में कुल 8,920 लोगों की मौत हो चुकी है और 30,595 लोग घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले 2 मार्च 2026 के बाद से अब तक 4,358 लोगों की मौत और 12,359 लोग घायल हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR के अनुमान के मुताबिक, अगस्त 2026 तक इस संघर्ष के कारण लगभग 360,000 लोग बेघर हो चुके हैं, जिनमें से कम से कम 22,000 लोग विभिन्न राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
राजनयिक कोशिशों के बीच सामरिक तनाव जारी
जून 2026 में हुए अमेरिका-ईरान समझौते और उसके बाद इस्रائيل व लेबनान के बीच बने एक फ्रेमवर्क समझौते के बावजूद सामरिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जिसे हिजबुल्लाह ने पहले ही खारिज कर दिया था। 5 सितंबर 2026 को इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने बयान दिया था कि उनकी सेना ने अली अल-ताहेर रिज के नीचे बनी सुरंगों के नेटवर्क से हिजबुल्लाह के लड़ाकों को पूरी तरह खदेड़ दिया है। हालांकि, लेबनान की सेना के एक अधिकारी ने साफ किया है कि दक्षिणी सुरंगों के एंट्रेंस पर अभी भी इस्राइली सेना का ही कब्जा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, एक आईडीएफ कर्नल ने 5 सितंबर को चेतावनी देते हुए कहा था कि इस क्षेत्र से सैनिकों को समय से पहले वापस बुलाना ठीक नहीं होगा।