Lebanon Attack: इसराइल ने नबातिएह में किया भीषण हवाई हमला, हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के बाद बिगड़े हालात

लेबनान के दक्षिणी इलाके में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसी कड़ी में इस्राइली सेना ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को नबातिएह क्षेत्र में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई से पहले हिजबुल्लाह ने इस्राइली सैनिकों पर दो विस्फोटक ड्रोन दागे थे, जिससे इलाके में भारी हड़कंप मच गया था। आम जनता के बीच इस संघर्ष को लेकर डर का माहौल है क्योंकि युद्ध की वजह से आम जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की कार्रवाई
इस्राइली रक्षा बलों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उनके सैनिकों को निशाना बनाकर अली अल-ताहेर पहाड़ियों के क्षेत्र में दो ड्रोन भेजे गए थे, जिनमें से एक ड्रोन को हवा में ही सफलता पूर्वक रोक लिया गया और नष्ट कर दिया गया। इस घटना में किसी भी इस्राइली सैनिक के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है। सेना का कहना है कि यह हमला उन ढांचों को खत्म करने के लिए किया गया था जिनका इस्तेमाल आतंकवादी समूह इस्राइली नागरिकों और सैन्य कर्मियों के खिलाफ योजना बनाने के लिए कर रहा था। लेबनानी मीडिया के अनुसार, इस्राइली युद्धक विमानों ने कई जिलों में अंधाधुंध गोलाबारी की और काफूर रूमाने के दोहा क्षेत्र के साथ-साथ अरबसलीम को भी निशाना बनाया। इसके बाद नबातिएह अल-फावका के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित अली अल-ताहेर पहाड़ी पर भारी बमबारी की गई। इसके अलावा उत्तरी इस्रायल में भी हवाई सुरक्षा सायरन बजाए गए जब एक संदिग्ध वस्तु देश की सीमा में दाखिल हुई जिसे हवा में ही रोकने का प्रयास किया गया।
बढ़ता मानवीय संकट और विस्थापन
इस संघर्ष की वजह से लेबनान में आम नागरिकों की स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 से लेकर अब तक इस हिंसा में 4,350 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 12,323 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्च आयोग यानी UNHCR की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में लगातार जारी सैन्य गतिविधियों के कारण मध्य अगस्त तक पूरे लेबनान में 3,50,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटे संगठन विस्थापित लोगों तक मदद पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं लेकिन लगातार हो रहे हमलों के कारण राहत कार्यों में भारी रुकावट आ रही है।
अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय नेताओं के दौरे
क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात के बीच विदेशी और स्थानीय नेता स्थिति का जायजा लेने के लिए लेबनान पहुंच रहे हैं। डच मंत्री फॉर फॉरेन ट्रेड एंड डेवलपमेंट Sjoerd Sjoerdsma 2 सितंबर 2026 को नबातिएह के दौरे पर पहुंचे हैं। वहीं दूसरी ओर, लेबनान की शिक्षा मंत्री Rima Karameh ने भी स्थानीय स्कूलों की स्थिति की जांच करने के लिए नबातिएह समेत दक्षिणी क्षेत्र के कई स्कूलों का दौरा करने का कार्यक्रम तय किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युद्ध की वजह से शिक्षण संस्थानों को कितना नुकसान हुआ है।