दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के नए हवाई हमले, नबातिएह अल-फ़ौक़ा और कफ़र तेबनित में मची तबाही.

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातिएह अल-फ़ौक़ा और कफ़र तेबनित शहरों पर 13 सितंबर 2026 को नए हवाई हमले किए। यह हमले पूरे हफ्ते चल रही सैन्य कार्रवाइयों के बाद हुए हैं, जिससे इलाके में तनाव बहुत बढ़ गया है। आम लोग इस हिंसा से काफी डरे हुए हैं और सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।
सुरक्षा दायरा बढ़ाने की तैयारी
इसराइल ने 12 सितंबर 2026 को पुष्टि की थी कि उसने अली अल-ताहर रिज के नीचे बने एक सुरंग नेटवर्क को नष्ट कर दिया है। साथ ही, इसराइल ने उत्तरी इसराइल में सुरक्षा क्षेत्र का विस्तार करने के लिए और अधिक जगहों पर हमले करने की अपनी तैयारी के संकेत दिए थे। लेबनान के इन इलाकों में लगातार हो रही बमबारी से हालात गंभीर बने हुए हैं और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
कफ़र रुम्मान हमले में 11 लोगों की मौत
13 सितंबर के छापों से लगभग 24 घंटे पहले नबातिएह के पास स्थित कफ़र रुम्मान शहर पर एक बड़ा हमला हुआ था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि कफ़र रुम्मान में हुए इस हमले में एक पैरामेडिक, चार महिलाओं और दो बच्चों सहित कुल 11 लोगों की मौत हो गई। इसराइल रक्षा बलों (IDF) ने बताया कि यह ऑपरेशन हथियार ले जा रहे हिजबुल्लाह के लड़ाकों को निशाना बनाकर किया गया था और नागरिकों के हताहत होने की खबरों की जांच की जा रही है।
लेबनान सरकार और इसराइल का रुख
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने 12 सितंबर को यह बात कही थी कि सेना लेबनान के अंदर और गहराई में जाकर हिजबुल्लाह के खिलाफ आगे भी हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके विपरीत, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने 12 सितंबर को ऐलान किया कि इस समय इसराइल के साथ कोई नई बातचीत नहीं होगी। लेबनान सरकार ने इसराइल पर जून 2026 के फ्रेमवर्क समझौते को कमजोर करने का आरोप लगाया है, जिसके तहत गैर-राज्य समूहों को हथियार डालने थे और उसके बदले इसराइल को पीछे हटना था। हालांकि राष्ट्रपति आउन ने यह भी कहा कि तनाव कम करने के लिए कूटनीति ही सबसे अच्छा रास्ता है।
लेबनामी सेना की तैनाती और कूटनीतिक प्रयास
हिंसा के जवाब में लेबनान की सेना ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाने के लिए नबातिएह समेत दक्षिण के गैर-कब्जे वाले इलाकों में अपनी टुकड़ियां तैनात कर दी हैं। लेबनामी सेना ने आधिकारिक रूप से चेतावनी दी है कि इस चल रहे तनाव से जून 2026 का फ्रेमवर्क समझौता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। इस बीच, दोनों देशों के बीच अमेरिका की मध्यर्स्थता से होने वाली कूटनीतिक बैठकों और प्रयासों को अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया है।