इसराइल ने दक्षिण लेबनान में किए नए हवाई हमले, अल-दाबशा पहाड़ी को बनाया निशाना

Sushma Kumari13 September 20262 min read15 viewsWorld
इसराइल ने दक्षिण लेबनान में किए नए हवाई हमले, अल-दाबशा पहाड़ी को बनाया निशाना

लेबनान के हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और हाल ही में इसराइली सेना ने दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई हमले और तोप से गोले दागे हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई रविवार, 13 सितंबर 2026 को हुई जिसमें अल-दाबशा पहाड़ी और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि इन ताजा हमलों में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई तत्काल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सुरक्षा जोन बनाए रखने का फैसला

इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने गत 10 सितंबर 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया था। इस बयान में साफ किया गया था कि इसराइली रक्षा बल यानी आईडीएफ दक्षिण लेबनान में अपना सुरक्षा जोन बनाए रखेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर भी साझा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य आतंकवादी बुनियादी ढाचे को पूरी तरह से नष्ट करना है ताकि हिजबुल्लाह को अपनी ताकत दोबारा जुटाने का मौका न मिल सके और उत्तरी इसराइल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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विभिन्न इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज

ताजा हमलों के दौरान इसराइली युद्धक विमानों ने नबातिएह अल-फौका के पास स्थित अली अल-ताहेर जंगल में भी बमबारी की। इसके अलावा कफार तेबनित इलाके पर कई हमले किए गए और जवतार अल-शारकियाह पर भारी तोपखाने से गोलाबारी की गई। आपको बता दें कि इन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार सैन्य गतिविधियां चल रही हैं और इसराइली सेना लगातार अपने अभियान को आगे बढ़ा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और युद्धविराम

लेबनान और इसराइल के बीच पिछले कुछ समय से तनाव कम करने के प्रयास चल रहे थे और दोनों पक्षों के बीच गत 16 अप्रैल 2026 से अमेरिका की मध्यस्थता में एक युद्धविराम समझौता भी लागू हुआ था। इसके बावजूद कूटनीतिक बातचीत के बीच भी लगातार झड़पें और हमले जारी हैं। इसराइल का यह पक्ष है कि समझौता उसे आसन्न खतरों के खिलाफ आत्मरक्षा में कदम उठाने का पूरा अधिकार देता है। इन लगातार होती सैन्य कार्रवाइयों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जाने लगी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटीगुरो गुटेरेस ने गत 8 सितंबर 2026 को सैन्य अभियानों में तेजी आने और नागरिकों के हताहत होने पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत तुरंत युद्ध रोकने और लेबनानी क्षेत्र से सेनाएं वापस बुलाने की अपील की थी।

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