इजराइल ने ब्रिटेन के 12 अधिकारियों पर लगाया बैन, यरूशलम में ब्रिटिश कंसुलेट भी किया बंद.

इजराइल सरकार ने ब्रिटेन के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए 12 ब्रिटिश अधिकारियों और सांसदों के देश में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह फैसला 8 सितंबर 2026 को लिया गया, जो ठीक एक दिन पहले 7 सितंबर 2026 को ब्रिटिश सरकार द्वारा इजरायली बस्तियों पर लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा जवाब था। इजराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मंजूरी के बाद इस बात की घोषणा की कि जिन लोगों को प्रतिबंधित किया गया है, वे यहूदी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।
प्रतिबंधित लोगों की सूची और तीखी प्रतिक्रियाएं
इजरायली विदेश मंत्रालय द्वारा जारी की गई इस बैन सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। इस सूची में Jeremy Corbyn, Zarah Sultana, Naz Shah, Diane Abbot, John McDonnell, Richard Burgon, Hannah Spencer, Carla Denyer, Sian Berry, Ellie Chowns, Adrian Ramsay और वकील Fahad Ansari का नाम प्रमुखता से है। इनमें से वकील Fahad Ansari, जिन्होंने पहले हमास के राजनीतिक विंग का प्रतिनिधित्व किया था, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुलकर कहा कि वह इस बैन को अपने लिए एक सम्मान का तमगा मानते हैं।
ब्रिटिश विदेश मंत्री पर गंभीर आरोप
इजराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने ब्रिटिश विदेश सचिव Ed Miliband पर खुलकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिटिश विदेश सचिव लगातार झूठे बयान फैला रहे हैं और इजराइल की चुनावी प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं। तनाव तब और बढ़ गया जब Ed Miliband ने वेस्ट बैंक की अवैध बस्तियों से आने वाले सामानों के आयात पर रोक लगाने का ऐलान किया। उन्होंने वहां के हालात को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि कुछ समूहों का आचरण जातीय सफाए जैसा है और उन्हें बस्तियों के आतंकवादी करार दिया।
दूतावास बंद और ट्रेनिंग पर रोक
प्रवेश प्रतिबंधों के अलावा इजराइल सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए यरूशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलेट को भी हमेशा के लिए बंद करने का फैसला किया है। यह कंसुलेट फिलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ राजनैतिक मिशन के तौर पर काम करता था। इसके साथ ही, इजराइल ने गाजा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले समन्वय मिशन से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इतना ही नहीं, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण के बलों को ब्रिटेन द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग को भी पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा कूटनीतिक तनाव
ब्रिटेन ने 7 सितंबर को जो प्रतिबंध पैकेज शुरू किया था, उसके तहत अवैध बस्तियों से आयात पर रोक लगाई गई है। इसके दायरे में वे सभी लोग और कंपनियां आती हैं जो बस्तियों के विस्तार के लिए पैसा जुटाने, बुनियादी ढांचा तैयार करने या निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। फ्रांस और कनाडा ने भी बस्तियों से जुड़े सामानों के आयात पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ, इजराइल में अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने ब्रिटेन की इस नीति की आलोचना की और चेतावनी दी कि इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।