ईरान के खतरे के बीच इजरायली रक्षा मंत्री ने की देश में एकजुट रहने की अपील
ईरान के खतरे के बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने राष्ट्रीय एकता की अपील की है, जबकि राष्ट्रपति ने गादी आइजनकोट को सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा।

तेल अवीव: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राष्ट्रीय एकता की अपील को दोहराया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाहरी खतरों का सामना करने के लिए इजरायल का एकजुट रहना जरूरी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति आइज़ैक हर्टज़ोग ने विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को अगली सरकार बनाने का काम सौंपा है।
1956 के स्वेज युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के स्मारक कार्यक्रम में बोलते हुए काट्ज़ ने चेतावनी दी कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में जुटा है। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' के मुताबिक, काट्ज़ ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जो इजरायल की सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा है और इन धमकियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रक्षा मंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले बड़े मिशनों से पहले देश का एकजुट होना आवश्यक है। काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि आंतरिक राजनीतिक मतभेद दुश्मनों के खिलाफ इजरायल के सामूहिक संकल्प को कमजोर नहीं करने चाहिए। उनके मुताबिक, विरोधियों को यह पता होना चाहिए कि आपसी मतभेदों के बावजूद इजरायल अपने अस्तित्व को खतरे में डालने वालों के खिलाफ एकजुट खड़ा है।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के सदस्य काट्ज़ की ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री द्वारा विपक्षी 'चेंज ब्लॉक' और याशर पार्टी के अध्यक्ष गादी आइजनकोट को 'राष्ट्रीय एकता सरकार' में शामिल होने के निमंत्रण के बाद आई हैं। शनिवार को एक टेलीविजन संबोधन में नेतन्याहू ने सभी Zionist गुटों को मिलाकर एक व्यापक राजनीतिक गठबंधन बनाने की वकालत की थी।
नेतन्याहू ने कहा था कि ऐसी सरकार ईरान के परमाणु खतरे को स्थायी रूप से खत्म करेगी, इजरायल को एक यहूदी राज्य के रूप में सुरक्षित रखेगी और देश में एकता लाएगी। हालांकि, विपक्षी नेताओं ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलन ने X पर पोस्ट किया कि नेतन्याहू की सरकार को बदला जाना चाहिए और लोकतंत्र व सुरक्षा के लिए 'बचाव और परिवर्तन' की सरकार बनाई जानी चाहिए।
राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ा मोड़ तब आया जब राष्ट्रपति आइज़ैक हर्टज़ोग ने 120 सदस्यीय नेसेट के राजनीतिक गुटों से चर्चा के बाद गादी आइजनकोट को सरकार बनाने का औपचारिक जिम्मा सौंपा। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा X पर जारी बयान के अनुसार, 67 सदस्यों ने आइजनकोट का समर्थन किया, जबकि 46 सदस्यों ने नेतन्याहू का साथ दिया। सात सदस्यों वाले एक गुट ने किसी भी उम्मीदवार का नाम नहीं सुझाया।