इसराइल के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान, गाज़ा से लोगों को हटाने की योजना अभी भी है सक्रिय

Nura Basta3 September 20262 min read25 viewsEnglish
इसराइल के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान, गाज़ा से लोगों को हटाने की योजना अभी भी है सक्रिय

इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यह साफ किया कि सरकार के पास गाज़ा पट्टी से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने की योजना अभी भी सक्रिय रूप से मौजूद है। Ynet और Yedioth Ahronoth द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही और स्पष्ट किया कि इस इलाके के लिए बिना सामूहिक पलायन के कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सकता है।

योजना को लेकर अमेरिका का रुख और अरब देशों का दबाव

इसराइल के रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पुनर्वास प्रस्ताव को पूरी तरह से रद्द नहीं किया है, बल्कि इसे अभी रोक कर यानी 'frozen' रखा है। उनके अनुसार, यह ठहराव अरब देशों के लगातार दबाव और उन देशों को खोजने में आ रही कठिनाइयों के कारण आया है जो विस्थापित फिलिस्तीनियों को अपने यहाँ शरण देने के लिए तैयार हों। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि वॉशिंगटन को यह लगता है कि हमास अपने युद्धविराम के समझौतों को पूरा करने में विफल रहा है, तो वह इस निष्कासन को अपनी मंजूरी दे सकता है।

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सर्वेक्षण के आंकड़े और मानवाधिकारों से जुड़े विवाद

अपने दावों को सही साबित करने के लिए इसराइली मंत्री ने मई 2026 में Cogat द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला दिया। इस सर्वे के मुताबिक, गाज़ा के लगभग 80 प्रतिशत निवासी तीसरे देशों में जाने की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने में रुचि रखते थे। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमास ही वह संगठन है जो गाज़ा पट्टी से लोगों को बाहर जाने से सक्रिय रूप से रोक रहा है।

दूसरी तरफ, यह नीति लगातार विवादों में बनी हुई है क्योंकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का यह मानना है कि किसी कब्ज़ा किए गए क्षेत्र में नागरिकों का जबरन विस्थापन जिनेवा सम्मेलनों के तहत जातीय सफाए और युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी 2025 में गाज़ा की आबादी को हटाने की बात कही थी, लेकिन बाद में अक्टूबर 2025 की अपनी शांति योजना में यह जोड़ा कि निवासियों को वहीं रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उन्होंने जबरन विस्थापन का विरोध किया था। इसके अलावा, मिस्र ने भी अपनी सीमाओं के जरिए फिलिस्तीनियों के किसी भी तरह के विस्थापन में मदद करने से साफ इनकार कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक अदालत यानी ICC पहले ही इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री के पूर्ववर्ती योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराध के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है, जिसे इसराइल और अमेरिका दोनों देशों ने लगातार खारिज किया है।

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