इसराइल के रक्षा मंत्री का ईरान को कड़ा संदेश, यहूदी छुट्टियों के दौरान हमले पर होगी बड़ी कार्रवाई।

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि ईरान ने आगामी यहूदी छुट्टियों के दौरान इसराइल पर किसी भी प्रकार का हमला किया, तो इसराइली सेना बहुत भारी ताकत के साथ इसका जवाब देगी। यह चेतावनी 2 सितंबर 2026 को दी गई है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है क्योंकि इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और आपसी बातचीत
रक्षा मंत्री ने Ynet, Yedioth Ahronoth और Israel Democracy Institute द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने जानकारी दी कि वह और देश के प्रधानमंत्री एक सुरक्षित रेड फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहते हैं ताकि किसी भी खुफिया जानकारी या खतरे को लेकर कोई हैरानी न हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट किया जा चुका है और इसराइल यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि इसे दोबारा कभी न बनाया जा सके। इसराइल का यह भी कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अकेले कदम उठाने में पूरी तरह सक्षम है।
खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव और हमले
इस क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच भी टकराव गहराता जा रहा है। ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक शादी समारोह पर बमबारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों की वजह से दो तेल टैंकर बेकार हो गए। अमेरिकी सेना ने भी टैंकर के बदले टैंकर की नीति अपनाते हुए ईरान के दो सरकारी जहाजों को निशाना बनाया है। इस तरह की घटनाओं से खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के मन में भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसराइल और ग्रीस के बीच बड़ा रक्षा समझौता
बढ़ते क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए इसराइल लगातार अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में 2 सितंबर 2026 को इसराइल और ग्रीस ने मिलकर 3.5 बिलियन डॉलर के एक बड़े रक्षा समझौते को अंतिम रूप दिया। इस समझौते के तहत एक मल्टीलेयर एंटी-मिसाइल सिस्टम खरीदा जाएगा जिसे ईरान जैसे देशों से मिलने वाले क्षेत्रीय खतरों का मुकाबला करने के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। खाड़ी और आसपास के देशों में हो रहे इन घटनाक्रमों पर भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों की भी गहरी नजर है जो इन देशों में रोजगार के लिए रहते हैं।