इसराइल में पानी का भारी संकट, शैवाल फैलने से पांच बड़े डीसैलीनेशन प्लांट हुए बंद.

इसराइल में पानी को लेकर एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है क्योंकि सूक्ष्म जीवों यानी शैवाल के फैलने की वजह से देश के छह में से पांच डीसैलीनेशन प्लांट पांच सितंबर 2026 तक पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। इस घटना को लेकर ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री एली कोहेन ने बताया कि यह पिछले दो दशकों में पहली बार हुआ ऐसा प्राकृतिक मामला है जिसने पूरे देश में पानी की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। इसराइल नेशनल साइबर डायरेक्टरी ने साफ कर दिया है कि यह कोई साइबर हमला नहीं था लेकिन वैज्ञानिक और अधिकारी इस बात पर बहस कर रहे हैं कि गाजा से आ रहा बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी इस शैवाल को बढ़ाने में कितनी बड़ी भूमिका निभा रहा है।
गाजा में सीवेज सिस्टम की बदहाली
गाजा के जल प्राधिकरण के मुताबिक वहां के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगभग पूरी तरह से बंद हो चुके हैं और रोजाना लगभग 55,000 क्यूबिक मीटर बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी बाहर निकल रहा है जिसमें से 40,000 क्यूबिक मीटर सीधा भूमध्य सागर यानी मेडिटेरियन सी में जा रहा है। यूनिसेफ की रिपोर्ट बताती है कि गाजा के सभी छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 70 प्रतिशत पंपिंग स्टेशन काम नहीं कर रहे हैं। पर्यावरण समूह जलील से जुड़ी नोगा अरमी और बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर अव्नर ग्रॉस का कहना है कि इस गंदे पानी में मौजूद पोषक तत्व शैवाल को बहुत तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं क्योंकि भूमध्य सागर का पानी इस समय गर्म रहता है। हालांकि इसराइल के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ओशनोग्राफी की प्रोफेसर तामार गाई-हाइम ने इस बात पर शक जताया है और कहा है कि मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप के डीसैलीनेशन प्लांट में भी ऐसी ही समस्याएं देखने को मिली हैं।
सरकार उठा रही है वैकल्पिक कदम
इसराइल के जल प्राधिकरण ने पहले यह माना था कि नील नदी के डेल्टा से यह शैवाल फैल रहा है और इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने भूमिगत जल स्रोतों और किनरेत यानी गैलील सागर से पानी की पंपिंग को बढ़ा दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ हाइफा के एसोसिएट प्रोफेसर डेविड काट्ज ने बताया कि इसराइल ने गाजा के सीवेज प्लांट की मरम्मत के लिए जरूरी सामानों को अंदर जाने से रोक दिया था क्योंकि उनका मानना है कि इसका इस्तेमाल सैन्य कामों में भी किया जा सकता है। इकोपीस के इसराइल निदेशक गिडोन ब्रोम्बर्ग ने इसराइल सरकार अमरीकी नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस और फिलिस्तीनी अधिकारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें ताकि मरम्मत का काम शुरू हो सके।
इस पानी की किल्लत का असर दोनों तरफ के आम लोगों पर बहुत बुरा पड़ा है क्योंकि यूनिसेफ ने तीन सितंबर को बताया था कि प्लांट फेल होने की वजह से इसराइल ने कुछ समय के लिए गाजा की तरफ पानी की सप्लाई रोक दी थी जिससे लगभग दस लाख लोग प्रभावित हुए थे। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक सितंबर को चेतावनी दी थी कि गाजा में दूषित पानी और सीवेज की वजह से दस्त जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैल रही हैं जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट गहराता जा रहा है।