कतर को बदनाम करने के लिए इजरायल से चलाया गया बड़ा डिजिटल अभियान, जांच में खुलासा
एक जांच में खुलासा हुआ है कि इजरायल से कतर को बदनाम करने के लिए एक बड़ा डिजिटल अभियान चलाया गया। कतर ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

दोहा: कतर की छवि खराब करने के लिए इजरायल से संचालित एक बड़े और सुनियोजित डिजिटल प्रभाव अभियान का पर्दाफाश हुआ है। अल जजीरा इंग्लिश की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अभियानों में से एक है, जिसे सालों तक चलाया गया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि इस अभियान के तहत अमेरिका और यूरोप में नस्लवादी और कतर विरोधी विज्ञापनों का इस्तेमाल किया गया। इन विज्ञापनों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि यूरोप में बड़े पैमाने पर होने वाले प्रवासन के पीछे मुख्य रूप से कतर का हाथ है।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब 27 अक्टूबर 2026 को इजरायल में संसदीय चुनाव हुए हैं और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इजरायली राजनेताओं और मीडिया ने आरोप लगाया है कि कतर ने उनके चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया है।
सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नोआम सोहलबर्ग ने घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट से इस मामले की जांच करने को कहा है। संदेह है कि 27 अक्टूबर के मतदान को प्रभावित करने के लिए विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किया गया।
यह जांच मुख्य रूप से उन आरोपों पर केंद्रित है जिनमें कहा गया है कि कतर ने अरब मतदाताओं की संख्या बढ़ाने वाले संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गविर ने विदेशी समर्थन का हवाला देते हुए फिलिस्तीनी-इजरायली पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मोसाद भी शिन बेट की मदद कर रहा है ताकि कतर और तुर्की से जुड़ी प्रभाव गतिविधियों की जांच की जा सके। वहीं, कतर ने चुनाव में हस्तक्षेप के सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने इन दावों को "हास्यास्पद और खतरनाक" बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक दुष्प्रचार अभियान है, जिसके जरिए इजरायली राजनेता अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
अल-अंसारी ने विरोधाभासी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग गुट कतर पर अलग-अलग विरोधी समूहों की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर ये दावे सच होते, तो कतर "शायद पूरे इजरायल का मालिक होता"।
इस बीच, शिन बेट की यह जांच नेशनल फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट द्वारा नेगेव क्षेत्र में मतदाताओं को रिश्वत देने के मामले में की जा रही अलग जांच से स्वतंत्र है।