गाजा के खान यूनिस में इजरायली ड्रोन हमलों से तबाही, विस्थापितों के टेंट निशाने पर

गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में स्थित खान यूनिस में इजरायली सेना के ड्रोन हमलों ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। 9 अक्टूबर 2026 को हुए इन हमलों में उन लोगों को निशाना बनाया गया जो पहले से ही बेघर होकर टेंटों में शरण लिए हुए थे। इन हमलों के कारण कई फिलिस्तीनी घायल हुए हैं और एक युवा की जान चली गई है, जिससे इलाके में डर और तनाव का माहौल है।
घटनाक्रम की बात करें तो शुक्रवार तड़के करीब 4:07 बजे खान यूनिस के पश्चिमी क्षेत्र में एक टेंट पर हमला हुआ, जिसमें 18 साल के एक युवक की मौत हो गई और उसके दादा गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी क्षेत्र में एक अन्य टेंट पर हुए हमले में दो और लोग जख्मी हुए। मेडिकल सूत्रों ने पुष्टि की है कि ड्रोन हमलों के कारण कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
बढ़ती सैन्य कार्रवाई और मानवीय संकट
यह हिंसा 8 अक्टूबर से ही तेज हो गई थी, जब पूरे गाजा स्ट्रिप में हुए हमलों में एक महिला समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। इजरायली सेना ने पूर्वी खान यूनिस में 'बेल्ट ऑफ फायर' अभियान शुरू किया है और रफाह में भी हवाई हमले किए हैं। इजरायल का दावा है कि ये कार्रवाई मिसाइल हमलों के जवाब में की गई, हालांकि हमास ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
इस बीच, इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्रई ने फिलिस्तीनी निवासियों को निर्देश दिया है कि वे केवल 'येलो लाइन' के पश्चिमी हिस्से में ही रहें, जो अमेरिकी प्रायोजित युद्धविराम समझौते के तहत एक सीमा रेखा है।
इस पूरे संघर्ष में मानवीय स्थिति बदतर होती जा रही है। UN Women की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 38,000 से अधिक महिलाओं और लड़कियों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 11,700 घायल हुई हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के संघ के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 203 पत्रकारों की मौत हो चुकी है, जो इस क्षेत्र में जारी गंभीर संकट की गहराई को दर्शाता है।