इजरायल के अक्टूबर चुनाव में ईरान के साथ युद्ध बना मुख्य मुद्दा, नेतन्याहू ने कहा कि दुश्मनों को हराने के लिए दोबारा जीतना जरूरी

यरूशलेम: इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले ईरान के साथ चल रहा संघर्ष सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखे हमले किए हैं। उनका कहना है कि नेतन्याहू निर्णायक जीत हासिल करने में नाकाम रहे हैं और 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमलों के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक हुई थी।
चुनावों को आगे बढ़ाने की चर्चाएं तो हुईं, लेकिन बुनियादी कानून के सेक्शन 9A के तहत यह मुश्किल है क्योंकि इसके लिए 80 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है। 18 अक्टूबर को एक सुरक्षा ब्रीफिंग के दौरान नेतन्याहू ने ईरानी शासन को खत्म करने का वादा किया। उन्होंने दावा किया कि दुश्मनों को हराने का 90 प्रतिशत रणनीतिक काम पूरा हो चुका है और इस काम को पूरा करने के लिए उनका दोबारा चुना जाना जरूरी है।
नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर इजरायल वाशिंगटन की मदद के बिना भी स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकता है। 19 अक्टूबर को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान का परमाणु हथियार हासिल करना गैस की बढ़ती कीमतों से कहीं बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि वह और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसी स्थिति को कभी नहीं होने देंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 19 अक्टूबर को नेतन्याहू के पुन: निर्वाचन का समर्थन किया। उन्होंने नेतन्याहू को एक महान योद्धा प्रधानमंत्री और ईरान से लड़ने में एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया। ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि अगर इजरायल का नेतृत्व गलत हाथों में रहा तो अमेरिका को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ सकता है और वह तेहरान के खिलाफ काम को जल्द पूरा कर सकता है।
ईरानी अधिकारियों ने इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की चेतावनियों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान पिछले संघर्षों से और मजबूत होकर निकला है और उसके अपने कुछ अधूरे काम हैं। अराघची ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू अपनी राजनीतिक सत्ता बचाने के लिए अमेरिका को क्षेत्रीय युद्ध में खींचना चाहते हैं।
ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने अमेरिका और इजरायल को और गलतियां न करने की चेतावनी दी। इसी बीच ईरान की संसद ने मेहरदाद अखलाघी केताबची को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है, जिन्होंने अमेरिका से क्षेत्र से अपनी सेना वापस लेने पर ध्यान देने को कहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर कतर ने चेतावनी दी है कि ईरान विवाद से पैदा होने वाले वैश्विक ऊर्जा झटके अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचे हैं। कतर एक नई क्षेत्रीय रक्षा साझेदारी की घोषणा करने की तैयारी में है। वहीं, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा के लिए तेहरान जा सकते हैं।
दूसरी ओर, वेस्ट बैंक में इजरायली सुरक्षा बलों ने 19 अक्टूबर को 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां एक पत्रकार और यूरोपीय राजनयिकों पर हुए हमलों सहित कई हिंसक घटनाओं के बाद की गई हैं।