टाइम मैगजीन के खुलासे में सामने आया कि इजरायल ने गाजा के लिए कतर से आने वाली मानवीय सहायता को मंजूरी दी और निगरानी की

Gautam Sahu19 October 20262 min read0 viewsWorld
टाइम मैगजीन के खुलासे में सामने आया कि इजरायल ने गाजा के लिए कतर से आने वाली मानवीय सहायता को मंजूरी दी और निगरानी की

तेल अवीव: टाइम मैगजीन द्वारा प्रकाशित कुछ गोपनीय दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि इजरायल की पिछली सरकारों ने गाजा में कतर द्वारा भेजी गई मानवीय सहायता राशि को मंजूरी देने और उसकी देखरेख करने में मुख्य भूमिका निभाई। हैरानी की बात यह है कि सार्वजनिक तौर पर इस कार्यक्रम की आलोचना करने के बावजूद इजरायल पर्दे के पीछे से इसे संचालित कर रहा था।

यह वित्तीय व्यवस्था साल 2012 में शुरू हुई थी, जिसके तहत अगले एक दशक में लगभग 2 अरब डॉलर गाजा भेजे गए। दस्तावेजों के मुताबिक, 2018 तक कतर ने इस क्षेत्र में करीब 1.1 अरब डॉलर ट्रांसफर कर दिए थे।

अक्टूबर 2018 में कतर, इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक औपचारिक त्रिपक्षीय तंत्र बनाया गया था। इसका मकसद सहायता राशि, ईंधन और सरकारी वेतन के वितरण का प्रबंधन करना था। इस व्यवस्था के तहत इजरायल तय करता था कि सहायता पाने के लिए कौन पात्र है और वितरण की प्रक्रिया की निगरानी भी वही करता था। इसमें अक्सर संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम का इस्तेमाल किया जाता था, जहां परिवारों को नकद या सहायता लेने से पहले टेक्स्ट मैसेज भेजे जाते थे।

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दस्तावेजों में राजनयिक तनाव का भी जिक्र है। ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इजरायली प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से इन भुगतानों की निंदा करते थे, लेकिन निजी तौर पर वे दोहा से इस फंडिंग को जारी रखने का अनुरोध करते थे।

दिसंबर 2020 में तत्कालीन मोसाद डायरेक्टर योसी कोहेन ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को पत्र लिखकर सहायता के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने इस मदद को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी बताया था। इसी साल नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के अधिकारी आर.एल. माओज़ ने भी राजदूत मोहम्मद अल-इमादी के जरिए कतर से भुगतान जारी रखने का आग्रह किया था।

अगस्त 2021 में कतर ने करीब एक लाख फिलिस्तीनी परिवारों के लिए नकद सहायता कार्यक्रम के तहत 4 करोड़ डॉलर देने का वादा किया था। रिकॉर्ड बताते हैं कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले से महज दो हफ्ते पहले, तत्कालीन मोसाद डायरेक्टर डेविड बार्निया ने दोहा की यात्रा की थी ताकि फंडिंग को अगले दो महीनों के लिए बढ़ाया जा सके।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2024 में टाइम को दिए इंटरव्यू में इस नीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रशासन को बनाए रखने और गाजा में मानवीय संकट को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। हालांकि, उनके कार्यालय ने जांच में सामने आए विशिष्ट दस्तावेजों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

दूसरी ओर, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने सितंबर 2026 में कहा कि इजरायल सरकार और संयुक्त राष्ट्र की पूरी सहमति और समन्वय के बिना कोई भी फंड गाजा में नहीं गया। कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सारी सहायता नागरिकों के लिए थी और अगर फंड का किसी और तरफ इस्तेमाल हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी निगरानी करने वाले इजरायली अधिकारियों की होगी।

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