Gaza Crisis: इजराइल के प्लान पर मचा बवाल, फिलिस्तीनी सेंटर ने दी चेतावनी.

गाजा पट्टी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में इजराइल की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है। फिलिस्तीनी सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने इजराइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने गाजा के लोगों को समुद्र, जमीन और हवा के रास्ते बाहर भेजने की योजना का ऐलान किया था। इस योजना के सामने आने के बाद से ही दुनिया भर के देशों और संगठनों में चिंता की लहर दौड़ गई है क्योंकि इसे एक बड़ी आबादी के जबरन विस्थापन के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने की थी विशेष निदेशालय बनाने की घोषणा
बुधवार, 2 सितंबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा था कि गाजा के लिए पलायन के अलावा और कोई दूसरा समाधान नहीं है। इसके बाद 4 सितंबर 2026 तक उन्होंने मंत्रालय के भीतर गाजा के लोगों की स्वैच्छिक विदाई के लिए एक विशेष निदेशालय बनाने की बात कही। सुरक्षा कैबिनेट ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को इस पर अपनी मंजूरी दी थी। फिलिस्तीनी संगठन का कहना है कि यह कदम सीधे तौर पर जातीय सफाया और जनसंहार की नीति को आधिकारिक रूप से स्वीकार करने जैसा है जो जिनेवा कन्वेंशन के नियमों का खुला उल्लंघन है।
राजनीतिक स्तर पर बढ़ रहा है दबाव
इस पूरे मामले के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह स्पष्ट किया कि इजरायली सेना इस समय गाजा के 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती है और वहां से पीछे हटने का उनका कोई इरादा नहीं है। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग़वीर ने 3 सितंबर 2026 को 'डिसइंगेजमेंट 710' नाम से एक नया प्लान पेश किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहले साल के भीतर 250,000 फिलिस्तीनियों और उसके बाद के छह सालों में बाकी बचे 2 मिलियन यानी 20 लाख लोगों को वहां से बाहर जाने के लिए प्रेरित करना है। वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने भी वेस्ट बैंक से फिलिस्तीनियों को हटाने का अलग से प्रस्ताव रखा है।
अंतरराष्ट्रीय विरोध और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
इस पूरी योजना के खिलाफ वैश्विक स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। यूरोपीय संघ के प्रवक्ता क्रिस्टियन विगैंड ने 4 सितंबर 2026 को मंत्रियों के इन बयानों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2735 के तहत गाजा में किसी भी तरह के जनसांख्यिकीय बदलाव को खारिज कर दिया। हमास ने भी अरब और मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे इस बेहद खतरनाक हालात के खिलाफ मिलकर ठोस कदम उठाएं। अमेरिका में सीनेटर क्रिस वैन हॉलन ने भी 2 सितंबर 2026 को इन प्रस्तावों की आलोचना की और अमेरिकी मिलीभगत को खत्म करने की मांग उठाई। ये सारी घटनाएं अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के उस आदेश के बाद हो रही हैं जिसमें नागरिकों को सुरक्षित रखने की बात कही गई थी।