इजरायल देगा भारतीय पायलट स्मित मछाड़ को वीरता पुरस्कार, बीच हवा में बचाई 182 जान

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsWorld
इजरायल देगा भारतीय पायलट स्मित मछाड़ को वीरता पुरस्कार, बीच हवा में बचाई 182 जान

दुबई से तेल अवीव जा रहे एक विमान में मचे हड़कंप और मौत के साये के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछाड़ (Captain Smit Machchhar) ने जिस बहादुरी का परिचय दिया, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उनकी इसी जांबाजी के लिए इजरायल सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च 'प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह फैसला इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने 8 अक्टूबर, 2026 को घोषित किया।

यह पूरी घटना 30 सितंबर, 2026 की है, जब कैप्टन स्मित मछाड़ Flydubai की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान अचानक उनके को-पायलट हमाम अल-हमामी ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर ने एक 'क्रैश एक्स' (कुल्हाड़ी) का इस्तेमाल कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी चोटों के बावजूद, उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे विमान में सवार 174 यात्री और आठ क्रू मेंबर्स अंदर आ सके और हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

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इस अफरा-तफरी के दौरान विमान की ऊंचाई 14,000 से 17,000 फीट तक गिर गई थी। गनीमत रही कि विमान में दो रिजर्व पायलट मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत कमान संभाली और फ्लाइट को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में लैंड कराया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से एक बड़ी तबाही टल गई और 172 कीमती जान बच गईं।

इस घटना को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक सोची-समझी 'आतंकी साजिश' करार दिया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि को-पायलट की योजना तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर विमान को टकराने की थी।

कैप्टन स्मित के अलावा, छह इजरायली यात्रियों—तली मेन्स, ज़्विका मेन्स, यानिव हायून, डॉ. शोता मुसाएव, आसफ राजुआन और ओर परडिलोव को भी इस खतरे को नाकाम करने में मदद के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं, अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने भी अमेरिकी रिकॉर्ड में स्मित मछाड़ की बहादुरी का जिक्र कर उन्हें सम्मान दिया है। फिलहाल, कैप्टन स्मित अबू धाबी में इलाज करा रहे हैं और भारतीय दूतावास के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है। जैसे ही वे पूरी तरह ठीक होंगे, इजरायली राष्ट्रपति उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह पदक प्रदान करेंगे।

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