इजरायल के नेस्सेट चुनाव में 27 अक्टूबर को वोट डालेंगे फिलिस्तीनी नागरिक, सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं

यरूशलेम: इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधायी चुनावों में करीब 12 लाख फिलिस्तीनी नागरिक मतदान करेंगे। कुल 73 लाख 31 हजार 981 पात्र मतदाताओं में इनकी हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है। ये मतदाता 120 सीटों वाली 26वीं नेस्सेट के लिए सदस्यों का चुनाव करेंगे।
इस चुनावी प्रक्रिया में लोग किसी व्यक्ति या प्रधानमंत्री के बजाय पार्टी सूचियों को वोट देते हैं। ताजा पोलिंग डेटा के मुताबिक राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। ऐसी संभावना है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट या गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्ष, दोनों में से कोई भी सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का बहुमत हासिल न कर पाए।
इस चुनाव चक्र के दौरान अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 24 सितंबर 2026 को केंद्रीय चुनाव समिति ने राम और जॉइंट लिस्ट पार्टियों के साथ-साथ ओफर कैसिफ और बलाद नेता सामी अबू शेहादेह जैसे उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया था। हालांकि, 2 अक्टूबर 2026 को इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से इन प्रतिबंधों को हटा दिया, जिससे ये पार्टियां चुनाव लड़ सकेंगी।
जॉइंट लिस्ट के नेता यूसुफ जबरीन ने बताया कि प्रमुख यहूदी राजनीतिक गुटों ने सार्वजनिक रूप से अरब पार्टियों के साथ गठबंधन न करने की बात कही है। उन्होंने इस राजनीतिक माहौल को समुदाय के लिए अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा करार दिया है।
विभिन्न सर्वेक्षणों के अनुसार, मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली राम और हदाश, तआल और बलाद से मिलकर बने जॉइंट लिस्ट गठबंधन को 13 से 15 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, भविष्य के किसी भी गठबंधन में इनके शामिल होने पर गहरा विवाद है।
इजरायल सरकार के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक, चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रशासनिक व्यवस्था केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा संभाली जा रही है। इस बीच, वेस्ट बैंक और गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
विदेशों में स्थित राजनयिक मिशनों पर इजरायली प्रतिनिधियों के लिए मतदान 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है, जहां शुरुआती मतदान 86 प्रतिशत रहा है।