Lebanon War: इसराइल ने लेबनान पर किया भीषण हमला, दागी तोपें और गिराए फॉस्फोरस बम.

लेबनान की सीमा पर तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इसराइली सेना यानी IDF ने अली अल-ताहेर रिज पर बने दो गुप्त ठिकानों को पूरी तरह से तबाह करने का दावा किया है, जिन्हें पिछले दो दशकों से ईरान की मदद से बनाया गया था। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि इसराइली सैनिकों ने हलता में घुसपैठ की और लिटानी नदी के पास भारी गोलीबारी तथा बमबारी की है।
सुरक्षा स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने इस पूरे मामले पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि इलाके में सुरक्षा हालात बहुत तेजी से खराब हो रहे हैं। UNIFIL की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइली सेना की तरफ से दागे जाने वाले गोलों और प्रोजेक्टाइल की संख्या 1 सितंबर को 56 से बढ़कर 2 सितंबर को 84 हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने इसराइली सेना से तुरंत ब्लू लाइन के उत्तर से पीछे हटने की मांग की है क्योंकि यह सैन्य मौजूदगी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का खुला उल्लंघन करती है।
कूटनीतिक बातचीत और कैदियों की अदला-बदली
एक तरफ जहां युद्ध के मैदान में गोले बरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी चल रही है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पांच लेबनानी नागरिकों को रिहा करने के समझौते का ऐलान किया है, जिसमें 3 सितंबर को रिहा किए गए Malek Ghazi भी शामिल हैं। यह अदला-बदली लेबनान की तरफ से यहूदी नेताओं के अवशेष खोजने में मदद करने के बदले में की जा रही है। लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इस कैदी रिहाई प्रक्रिया में अमेरिका के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना की है और देश से इसराइली सेना की पूरी तरह वापसी की मांग दोहराई है।