दक्षिणी सीरिया में इस्रायली सेना की भारी सैन्य कार्रवाई, अगस्त महीने में दर्ज हुई 267 उल्लंघन की घटनाएं.

Praggya Singh sabal4 September 20263 min read34 viewsWorld
दक्षिणी सीरिया में इस्रायली सेना की भारी सैन्य कार्रवाई, अगस्त महीने में दर्ज हुई 267 उल्लंघन की घटनाएं.

दक्षिणी सीरिया में इस्रायली सैन्य अभियानों में इन दिनों भारी तेजी देखने को मिल रही है, जहां लगातार घुसपैठ, गिरफ्तारियों और तोप से गोले बरसाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। एक सीरियाई निगरानी समूह के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे August महीने में इस्रायल की तरफ से कुल 267 बार नियमों का उल्लंघन किया गया, जो कि July के मुकाबले करीब 43% ज्यादा है। यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब बशर अल-असद की सरकार दिसंबर 2024 में गिर गई, जिसके बाद इस्रायल ने साल 1974 के डिस्एंगेजमेंट समझौते को रद्द करने का ऐलान कर दिया था। इस बदलाव के बाद से इस्रायल ने सीरियाई बफर जोन और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले माउंट हर्मन जैसे इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिससे वहां तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

अगस्त के आखिरी और सितंबर के शुरुआती दिनों में बढ़ी सैन्य गतिविधियां

सेना की यह हलचल 31 August से लेकर 4 September 2026 के बीच काफी ज्यादा बढ़ गई थी। इस दौरान 31 August को इस्रायली बलों ने तल अल-हवा के पास बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ की और चार सैन्य गाड़ियों की मदद से अल-समद भैया अल-गारबिया में एक नई चौकी बना दी। इसके अलावा तल अल-अहमर पर तीन तोप के गोले भी दागे गए, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। इसके ठीक अगले दिन यानी 1 September को सैनिक दस गाड़ियों के काफिले के साथ जामला गांव में घुस गए और तरंजा गांव के एक घर में छापा मारकर तलाशी ली। इतना ही नहीं, अल-रफिद शहर के पास से एक सीरियाई चरवाहे को भी कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद 3 September को भी गोलाबारी जारी रही, जहां बट अल-वार्दा पहाड़ी के पास चार गोले गिरे और पूर्वी तल अल-अहमर के आसपास भी कई धमाके सुने गए। हालात का जायजा लेते हुए 4 September तक इस्रायली सेना ने सीरियाई सीमा और कब्जा किए गए गोलान हाइट्स के पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया, ताकि किसी भी मुश्किल हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जा सके। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक सरकारी बयान देख सकते हैं।

सीरियाई सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास

सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने इस चल रहे सैन्य अभियान की कड़ी निंदा करते हुए देश के सामने आ रही मुश्किलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सीरिया में अकेले July महीने में 65 बार घुसपैठ हुई थी, जबकि August के पहले 18 दिनों में ही 52 बार ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा इस साल अब तक सीरियाई नागरिकों को हिरासत में लेने के 147 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 49 लोग अभी भी जेल में बंद हैं। हालांकि विदेश मंत्री ने 1 September को यह साफ किया था कि दमास इस्रायल को पीछे हटाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता से किसी कूटनीतिक समाधान को खोजने में जुटा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस्रायल का यह कहना है कि उसे अबू अल-धुहूर एयरबेस पर तुर्किए की कथित सैन्य योजनाओं को लेकर सुरक्षा की चिंता है, जिसे सीरिया और तुर्किए दोनों ने ही सिरे से खारिज कर दिया है। इस बीच इस्रायल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने 1 September को यह स्पष्ट किया कि उनका देश तुर्किए के साथ किसी भी तरह की लड़ाई या तनाव नहीं बढ़ाना चाहता है, लेकिन वे क्षेत्र में अपनी मौजूदा सामरिक और रणनीतिक स्थिति को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

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