Jabalia में इसराइली सेना का बड़ा हमला, हमास के दो सदस्य ढेर और पूरे इलाके में तनाव बढ़ा।

Praggya Singh sabal30 August 20262 min read17 viewsWorld
Jabalia में इसराइली सेना का बड़ा हमला, हमास के दो सदस्य ढेर और पूरे इलाके में तनाव बढ़ा।

गाजा पट्टी में इसराइल और हमास के बीच चल रही जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार, 29 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने Jabalia इलाके में एक बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें हमास के दो सदस्य मारे गए। इसराइली रक्षा बल यानी IDF का कहना है कि ये लोग वहां तैनात सैनिकों के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे। इस घटना के बाद से इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और सेना पूरे मामले की जांच कर रही है। इस हमले से ठीक पहले गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी ने पूरे इलाके में 21 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी।

गाजा में लगातार बढ़ रहा है मरने वालों का आंकड़ा

हालात इतने खराब हो चुके हैं कि रविवार, 30 अगस्त 2026 तक इसराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर कम से कम 40 तक पहुंच गई है। अकेले Jabalia में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में 24 लोगों की जान चली गई। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और मानवाधिकार केंद्र के मुताबिक, इस एक घटना में करीब 30 लोग बुरी तरह घायल भी हुए हैं। इसके अलावा Deir al-Balah में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के परिसर में भी हमास के एक कमांडर को निशाना बनाया गया, हालांकि सेना का दावा है कि आम नागरिकों को बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती गई थी।

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युद्धविराम के बावजूद जारी है हिंसा और संघर्ष

हफ्ता भर पूरे गाजा में भारी सैन्य गतिविधियां देखने को मिली हैं। Beit Hanoun में हमास के एक बड़े सैन्य परिसर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है, जहां इसराइली सेना पिछले तीन महीनों से जमी हुई थी। इसके अलावा Khan Younis, गाजा सिटी के उत्तर-पश्चिम और Jabalia में भी गोलीबारी और हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ये सारी हिंसा उस समय हो रही है जब 10 अक्टूबर 2025 से अमेरिका समर्थित युद्धविराम लागू है। इसराइल और हमास दोनों एक-दूसरे पर समझौते के नियमों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने साफ तौर पर हमास को ही समझौते के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जब से यह युद्धविराम लागू हुआ है, तब से लेकर अब तक 312 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। अकेले 26 अगस्त से 27 अगस्त 2026 के बीच 33 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों के पास हो रहे लगातार हमलों को देखते हुए 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर' संस्था ने कड़ी निंदा की है और अपील की है कि चल रहे संघर्ष के बीच अस्पतालों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि और बेकसूर लोगों की जान न जाए।

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