इसराइल के मंत्री ने सुरक्षा बलों के साथ अल-अक्सा मस्जिद परिसर में किया प्रवेश, मची खलबली.

इसराइल के कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रवेश किया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की जा रही है। यह संवेदनशील मामला 31 अगस्त 2026 की दोपहर का है, जब मंत्री महोदय ने भारी सुरक्षा के बीच इस पवित्र स्थल के अंदर कदम रखा।
अल-अक्सा मस्जिद परिसर में क्या हुआ
मिली जानकारी के अनुसार, इसराइल के मंत्री इतमार बेन-गवीर और दर्जनों यहूदी आगंतुक अल-अक्सा मस्जिद के प्रांगण में पहुंचे। इस दौरान मंत्री महोदय ने परिसर के पूर्वी हिस्से में तल्मुडिक प्रार्थनाएं और अनुष्ठान किए। चूंकि इस जगह को इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र और यहूदी धर्म में सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, इसलिए इस तरह की हरकत से तुरंत तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
ऐतिहासिक स्थिति का उल्लंघन और तीखी प्रतिक्रिया
यह दौरा इस स्थल की पुरानी ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। नियमों के मुताबिक, इस परिसर में केवल मुसलमानों को ही इबादत करने का पूरा अधिकार है, जबकि गैर-मुसलमानों को केवल घूमने या आने की अनुमति है लेकिन वे वहां प्रार्थना नहीं कर सकते। इस घटना के बाद जेरूसलम गवर्नरेट ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस कदम की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे मस्जिद की इस्लामी पहचान बदलने और नई स्थितियां पैदा करने की एक खतरनाक कोशिश बताया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई कि वे इस पवित्र स्थल के मुस्लिम बहुसंख्यक अधिकार को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाएं।
हमास ने भी मंत्री के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई और अपना विरोध दर्ज कराया। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA के अनुसार, यह पूरी घटना 31 अगस्त 2026 को उस समय हुई जब क्षेत्रीय तनाव पहले से ही काफी ज्यादा था। आपको बता दें कि इतमार बेन-गवीर पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुके हैं, जिनकी वजह से जॉर्डन, फिलिस्तीनी प्राधिकरण, सऊदी अरब, तुर्की, कतर और मिस्र जैसे देशों ने तीखी नाराजगी जताई थी और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया था।