ईरान के साथ युद्ध के बीच इजरायल में राष्ट्रीय चुनाव, रिकॉर्ड संख्या में लोग पहुंच रहे वोट डालने

इजरायल में राष्ट्रीय चुनाव शुरू हो गए हैं। ईरान के साथ युद्ध और भारी मतदान के बीच बेंजामिन नेतन्याहू और गाडी आइजनकोट के बीच मुकाबला है।

Gautam Sahu27 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के साथ युद्ध के बीच इजरायल में राष्ट्रीय चुनाव, रिकॉर्ड संख्या में लोग पहुंच रहे वोट डालने

यरूशलेम: इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक भविष्य तय करने के लिए 27 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय चुनाव शुरू हो गए हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग रात 10 बजे तक चलेगी, जिसमें करीब 73 लाख लोग मतदान कर सकते हैं। दोपहर तक 31 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हो चुका है, जो 1973 के बाद का सबसे अधिक मतदान है।

यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब इजरायल साल 2026 की शुरुआत से ईरान के साथ युद्ध लड़ रहा है। देश इस समय अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और नाकाबंदी का भी सामना कर रहा है। लिकुड पार्टी के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस चुनाव को अस्तित्व की लड़ाई बताया है। उन्होंने दावा किया है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में रहते हैं, तो वे ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए तैयार हैं।

नेतन्याहू ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह चुनाव में बाधा न डाले, वरना उसे भारी नुकसान उठाना होगा। साथ ही उन्होंने अरब राजनीतिक दलों पर चुनाव चुराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, यशर पार्टी के गाडी आइजनकोट ने नेतन्याहू के अभियान को डर और झूठ पर आधारित बताया है। आइजनकोट ने खुद को देश को एकजुट करने वाले नेता के रूप में पेश किया है।

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अरब पार्टी राआम के नेता मंसूर अब्बास ने उम्मीद जताई है कि अरब समुदायों में रिकॉर्ड मतदान वर्तमान सरकार को हटाने में मदद कर सकता है। वहीं ईरान ने इस चुनाव के महत्व को खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने कहा कि चुनाव के नतीजे ईरान के नजरिए को नहीं बदलेंगे, क्योंकि कोई भी इजरायली नेतृत्व क्षेत्रीय हिंसा जारी रखेगा।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रजाई ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तेहरान में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ सकारात्मक चर्चा की है।

इजरायल की 120 सीटों वाली संसद यानी नेसेट में किसी एक दल का बहुमत मिलना मुश्किल है, इसलिए गठबंधन सरकार की जरूरत होगी। अगर नेतन्याहू या विपक्ष में से किसी को भी 61 सीटें नहीं मिलती हैं, तो लंबी बातचीत या दोबारा चुनाव की स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थिति में नेतन्याहू केयरटेकर प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं।

चैथम हाउस के योसी मेकेलबर्ग के मुताबिक, ये चुनाव तय करेंगे कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता है या नहीं। इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का गिरफ्तारी वारंट भी जारी है। इन नतीजों के बाद अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं, जिन्हें क्षेत्रीय संघर्ष के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।

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