Israel: NAZA डॉक्यूमेंट्री पर मचा घमासान, मंत्रियों ने दी नागरिकता रद्द करने की धमकी.

Aanya19 September 20262 min read16 viewsWorld
Israel: NAZA डॉक्यूमेंट्री पर मचा घमासान, मंत्रियों ने दी नागरिकता रद्द करने की धमकी.

वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल जूरी प्राइज जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'NAZA' को लेकर इसराइल की राजनीति और मीडिया जगत में भारी बवाल मच गया है। इस फिल्म के सामने आने के बाद से ही देश के राजनीतिक गलियारों में गुस्से का माहौल है और इस पर बैन लगाने के साथ-साथ सख्त एक्शन लेने की मांग की जा रही है।

फिल्म में क्या दिखाया गया है

इस बहुचर्चित डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन युवल अब्राहम और राहेल सोर ने किया है। यह फिल्म गाजा में इसराइल की सैन्य कार्रवाई पर आधारित है और इसमें दावा किया गया है कि नागरिकों की बड़े पैमाने पर हत्या की योजना इसराइल के भीतर से ही दूर बैठकर बनाई गई थी। इस खुलासे के बाद से ही प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

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मंत्रियों और सेना का कड़ा रुख

इसराइल के संस्कृति मंत्री मिकी जोहर ने इस डॉक्यूमेंट्री की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद घटिया और विश्वासघात करार दिया। उन्होंने खुले तौर पर घोषणा की कि वह इन दोनों निर्देशकों की इस्राइली नागरिकता को तुरंत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। दूसरी ओर, आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ इयाला जमीर ने फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है।

सेना प्रमुख ने इस फिल्म को इस्राइली सैनिकों को बदनाम करने के लिए चलाया गया एक सुनियोजित अभियान बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में झूठे आरोपों और तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए तथ्यों के जरिए देश की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसराइल की सेना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अपने नैतिक मूल्यों के दायरे में रहकर ही काम करती है।

आधिकारिक विरोध और प्रदर्शन

आईडीएफ के प्रवक्ता डेफ्रिन ने भी सार्वजनिक रूप से फिल्म के निर्माताओं को चुनौती दी कि वे इस डॉक्यूमेंट्री को पहले सेना के सामने दिखाएं। उन्होंने कहा कि इसके प्रचार में जिन बातों का इस्तेमाल किया गया है, वे पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं। इसके अलावा, इसराइल फिल्म काउंसिल ने भी आधिकारिक रूप से फिल्म की स्क्रीनिंग की मांग की है ताकि इस पर उचित प्रतिक्रिया दी जा सके।

फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बाद से ही इस पर विवाद थमा नहीं है। बीती 19 सितंबर 2026 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म निर्माताओं के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा, जिससे यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर पढ़ सकते हैं।

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