Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पर मंडराया संकट, 27 अक्टूबर 2026 को देश में होंगे 13वें चुनाव

Praggya Singh sabal10 September 20263 min read24 viewsWorld
Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पर मंडराया संकट, 27 अक्टूबर 2026 को देश में होंगे 13वें चुनाव

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu अपनी राजनीति के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता अब अपने जीवन के 13वें संसदीय चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। इजरायल में यह मतदान आगामी 27 अक्टूबर 2026 को होना तय किया गया है। चुनाव की तारीख पास आने के साथ ही उन पर संकट के बादल और ज्यादा गहरे होते जा रहे हैं। गाजा में युद्ध के दौरान नरसंहार के गंभीर आरोप उन पर लग रहे हैं, जिन्हें लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। दक्षिण अफ्रीका की ओर से इस मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी आईसीजे में एक मुकदमा भी दर्ज किया गया है, जिसकी समीक्षा अभी जारी है। इसके अलावा मई 2024 में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और तत्कालीन रक्षा मंत्री Yoav Gallant के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था, जिसमें युद्ध के दौरान भूख को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही गई थी।

चुनाव से पहले राजनीतिक रणनीतियां और पार्टियों की स्थिति

आगामी मतदान से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक खास राजनीतिक रणनीति अपनाई है, जिसमें वह पूरी तरह से शिकायतों, दोष मढ़ने और खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने पर जोर दे रहे हैं। उनकी पार्टी Likud ने बीते 8 सितंबर 2026 को अपने उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट तैयार कर ली थी। नेतन्याहू ने इस आने वाले चुनाव को उनकी दक्षिणपंथी सरकार और यशार पार्टी के प्रमुख Gadi Eisenkot के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच एक सीधा मुकाबला करार दिया है। हाल ही में सामने आए ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक, नेतन्याहू का गुट केवल 52 सीटें जीतता हुआ दिखाई दे रहा है, जो कि विपक्षी दलों से पीछे चल रहा है। सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई आंकड़े यानी 61 सीटों के बहुमत से उनका यह गठबंधन काफी पीछे नजर आ रहा है। फिलहाल यशार पार्टी 25 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि लिकुड पार्टी को केवल 21 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है।

यूएई की चेतावनी और संयुक्त राष्ट्र की यात्रा पर विवाद

इजरायल में राजनीतिक सरगर्मी उस समय और ज्यादा बढ़ गई जब देश के प्रमुख अखबार Haaretz में एक सनसनीखेज रिपोर्ट छपी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि 7 अक्टूबर 2023 के बड़े हमास हमले से ठीक दस दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने नेतन्याहू को एक बड़ी चेतावनी दी थी। हालांकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से बेसिर-पैर के झूठ और फर्जी खबरें बताया है। उन्होंने अपने वकीलों को इस अखबार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश भी दे दिया है। इन आरोपों के जवाब में उन्होंने देश के भीतर किसी गहरी साजिश यानी डीप स्टेट की ओर इशारा किया है। दूसरी तरफ इजरायल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत Danny Danon ने बीते 9 सितंबर 2026 को यह साफ किया कि तमाम विरोधों के बावजूद नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए एक छोटी यात्रा पर जाएंगे। न्यूयॉर्क शहर के अधिकारियों की तरफ से युद्ध अपराध के संदिग्ध होने के नाते उनके दौरे पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। दुनिया भर के कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और देश इस प्रशासन के कदमों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर से हजारों जानी-मानी हस्तियों ने एक खत पर हस्ताक्षर करके नेतन्याहू पर लगे नरसंहार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और यह कहा है कि इस तरह का कृत्य करने का इरादा केवल हमास का ही था।

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