इजरायली सेना प्रमुख ने कहा कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की जरूरत नहीं है लेकिन जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी

इजरायली सेना प्रमुख ईयाल ज़मीर ने कहा कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की जरूरत नहीं है, हालांकि पीएम नेतन्याहू ने खतरे की चेतावनी दी है।

Gautam Sahu23 October 20262 min read0 viewsWorld
इजरायली सेना प्रमुख ने कहा कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की जरूरत नहीं है लेकिन जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी

यरूशलेम (इजरायल): इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर ने कहा है कि उन्हें फिलहाल अगले हफ्ते होने वाले नेसेट चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोई परिचालन जरूरत नहीं दिख रही है। चैनल 13 के हवाले से टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह खबर दी है। इजरायल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने वाले हैं।

ईयाल ज़मीर के मुताबिक चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोई संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर यह तय होता है कि ईरान पर हमला करना जरूरी है, तो वे इसे अंजाम देंगे।

दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि तेहरान सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों के विकास को आगे बढ़ा रहा है। दक्षिण इजरायल में बहाद 1 ट्रेनिंग फैसिलिटी में कैडेट्स के ग्रेजुएशन समारोह के दौरान सैन्य कर्मियों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी शासन ने अब तक सबक नहीं सीखा है।

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नेतन्याहू ने कहा कि मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने का फैसला किया है और ईरान एक बार फिर विनाशकारी हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने का एक ही तरीका है और वह है ईरान में शासन का तख्तापलट, यही निर्देश उन्होंने IDF, मोसाद और सुरक्षा एजेंसियों को दिए हैं।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ अपने प्रशासन के कड़े रुख को दोहराया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और वे ऐसे निर्णायक कदम उठा रहे हैं जो पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों को उठाने चाहिए थे।

ट्रंप ने अपनी आक्रामक रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि भले ही कुछ आलोचक उनके कदमों का विरोध करें, लेकिन कई देशभक्त उनके कार्यों का पुरजोर समर्थन करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन जरूरत पड़ने पर दबाव अभियान को और तेज कर सकता है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तेहरान पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए संकट पैदा कर रहा है। उन्होंने फारस की खाड़ी में बड़े व्यवधान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल शिपमेंट पहले की तुलना में अधिक है।

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