Israel News: इस्रायली राष्ट्रपति ने पूर्व सैनिक का मिटाया क्रिमिनल रिकॉर्ड, 2016 की घटना पर बड़ा फैसला.

इस्रायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने पूर्व सैनिक Elor Azaria का क्रिमिनल रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर दिया है। इस पूर्व सैनिक को साल 2016 में हेब्रोन में एक घायल फिलिस्तीनी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से यह घोषणा शनिवार, 20 सितंबर 2026 को की गई, जिसके तहत एजारिया का रिकॉर्ड तय समय से छह साल पहले ही खत्म कर दिया गया। इस फैसले के बाद देश भर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
घटना की पूरी जानकारी और अदालत का फैसला
यह पूरी घटना 24 मार्च 2016 की है जो हेब्रोन के Tel Rumeida इलाके में घटी थी। उस समय पूर्व सैनिक एजारिया ने जमीन पर पड़े और गंभीर रूप से घायल Abdel Fattah al-Sharif को गोली मार दी थी। इस गोलीबारी का वीडियो मानवाधिकार संगठन B'Tselem के एक फोटोग्राफर ने बना लिया था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। इस मामले में इस्रायली मिलिट्री कोर्ट ने जनवरी 2017 में एजारिया को दोषी माना। अदालत ने उसे 18 महीने की जेल की सजा सुनाई थी, हालांकि तत्कालीन आर्मी चीफ Gadi Eisenkot ने इस सजा को चार महीने कम कर दिया था। इसके बाद वह लगभग नौ महीने की सजा काटकर मई 2018 में जेल से बाहर आ गया था। इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी आप सरकारी वेबसाइट पर देख सकते हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय और रक्षा मंत्री का पक्ष
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के कार्यालय ने जानकारी दी कि यह माफी का फैसला गोलीबारी के बाद बीते समय, सजा पूरी होने और परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि सेना ने ब्रॉडकास्टर KAN को बताया कि पूर्व सैनिक ने अपने किए पर कोई पछतावा नहीं जताया, लेकिन राष्ट्रपति के कार्यालय ने साफ किया कि एजारिया ने अपने औपचारिक अनुरोध पत्र में दुख व्यक्त किया था। देश के रक्षा मंत्री Israel Katz, जिन्होंने जुलाई 2026 में इस माफी के लिए याचिका सौंपी थी, उन्होंने इस कदम की सराहना की। उन्होंने इसे एक मानवीय फैसला बताया और कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि राज्य अपने सैनिकों को कभी अकेला नहीं छोड़ता है।
अधिकारियों के बीच तीखी प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति के इस कदम के बाद देश के भीतर बड़े नेताओं और सैन्य अधिकारियों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मिलिट्री चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया और इसके पीछे सैनिक की जवाबदेही न होना मुख्य वजह बताई। इसके अलावा पूर्व रक्षा मंत्री Moshe Yaalon ने भी इस फैसले को शर्मनाक बताया। दूसरी तरफ, नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे एक खुशी का मौका बताया। फैसला सामने आने के बाद पूर्व सैनिक एजारिया ने रक्षा मंत्री काट्ज़ और राष्ट्रपति हर्जोग समेत अपने सभी समर्थकों का आभार व्यक्त किया।