इसराइल में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता, तीन साल के संघर्ष के बाद जनता बटी

गाजा में चल रहे संघर्ष को तीन साल पूरे होने के बाद इस्राइल की जनता में सुरक्षा को लेकर बड़ा मतभेद देखने को मिल रहा है। आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं और देश की राजनीति इस मुद्दे पर दो हिस्सों में बंट चुकी है। सरकारी नीतियों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जनता के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं।
INSS और IDI के सर्वे में सामने आए आंकड़े
संस्थान Institute for National Security Studies (INSS) की जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन के 51% मतदाताओं का मानना है कि देश की सुरक्षा बेहतर हुई है। इसके विपरीत, विपक्ष के सिर्फ 9% लोग ही ऐसा सोचते हैं। वहीं, विपक्ष के 62% लोगों का कहना है कि सुरक्षा हालात पहले से ज्यादा खराब हो चुके हैं। इसके अलावा, Israel Democracy Institute के जुलाई 2026 के सर्वे में बताया गया कि सिर्फ 38% इस्राइली नागरिकों को लगता है कि ईरान के साथ युद्ध से पहले जैसे हालात थे, वैसी सुरक्षा अब है। देश के लोगों के मन में बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले का डर अभी भी 61% तक बना हुआ है।
वेस्ट बैंक और क्षेत्रीय तनाव
वेस्ट बैंक से किसी भी संभावित हमले को लेकर चिंता फरवरी 2025 के 62% से बढ़कर अब 77% तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने 15 सितंबर 2026 को राफा ब्रिगेड कमांडर के खात्मे की पुष्टि की थी और कहा था कि हमास गाजा में नहीं रहेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी आप इस सरकारी बयान में देख सकते हैं। हालांकि सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है, फिर भी आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास बहुत कम है।
क्षेत्रीय तनाव के चलते बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अंसारअल्लाह आंदोलन के नियंत्रण के कारण इलियट बंदरगाह का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। अमेरिका के दूतावास ने 21 सितंबर 2026 को बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया था। वेस्ट बैंक में एक इस्राइली नागरिक की मौत के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।