Mansouri में इसराइल के भीषण हवाई हमले, दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज और हजारों छात्र बेघर.

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सेना ने अपनी सैन्य गतिविधियों को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। थर्सडे, 4 सितंबर 2026 को टायर जिले में आने वाले दक्षिणी लेबनान के मंसूरी शहर पर इसराइल की ओर से दो भीषण हवाई हमले किए गए। मार्च के शुरुआती दिनों से ही इस क्षेत्र में इसराइली सेना के ऑपरेशन लगातार चल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसमें और भी ज्यादा तेजी देखने को मिली है। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी एनएनए (NNA) से मिली जानकारी के मुताबिक, इसराइली सेना ने हवाई हमलों के साथ-साथ भारी गोलाबारी और जमीनी घुसपैठ की कार्रवाई को भी तेज कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
लेबनान के कई इलाकों पर हमलों का असर
मंसूरी के अलावा लेबनान के कई अन्य इलाकों को भी इन हमलों में निशाना बनाया गया है। नबातियेह जिले का जवतार अल-शरकिया, नबातियेह अल-फावका, दोहा केफर रूम्मन, मजदेल जौौन और मंसूरी के बीच का अल-मुशा क्षेत्र इस हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा हसबैया जिले का हलटा फार्म, हदाथा, वादी बराचित और अली अल-ताहेर क्षेत्र में भी लगातार हमले जारी रहे। अल-मुशा इलाके में तो इसराइली सैनिकों ने घरों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करने के लिए बहुत ही शक्तिशाली विस्फोटकों का इस्तेमाल किया। सैन्य गतिविधियों के तहत एक मर्कवा टैंक और एक डी9 बुलडोजर मंसूरी के अंदर तक आगे बढ़ गए, जबकि सैन्य वाहनों को इस इलाके की तरफ विस्फोटक सामग्री ले जाते हुए भी देखा गया। इसके अलावा एक इसराइली ड्रोन ने अज्जियेह-मंसूरी सड़क पर साउंड बम गिराए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। हालांकि इस भारी तबाही के बीच रेड क्रॉस के काफिले ने हाल ही में इसराइली जेलों से रिहा हुए चार लोगों को सुरक्षित उनके गांव मंसूरी तक पहुंचा दिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और विस्थापितों का हाल
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, जब से यह सैन्य संघर्ष 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक इसराइली हमलों में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन मरने वालों में 250 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 12,000 से ज्यादा लोग घायल होकर अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इसराइली सेना का दावा है कि उसने अली अल-ताहेर की पहाड़ियों पर अपना ऑपरेशनल कंट्रोल हासिल कर लिया है और हिजबुल्लाह के एक अंडरग्राउंड ठिकाने को भी पूरी तरह साफ कर दिया है, लेकिन मंसूरी में हुए हमलों को लेकर उनकी तरफ से कोई तुरंत बयान सामने नहीं आया है। इस भयानक हिंसा और गोलीबारी के कारण मंसूरी समेत आसपास के इलाकों के हजारों छात्र अपने घरों से दूर होने को मजबूर हैं और वे इस समय टायर के विभिन्न स्कूलों में शरण लेकर रह रहे हैं।