लेबनान पर इसराइल का बड़ा हमला, ज़िबकिन में एयरस्ट्राइक और कई घरों को पहुंचाया नुकसान.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सेना का सैन्य अभियान लगातार जारी है और ताजा हमलों में कई जगहों पर भारी तबाही देखने को मिली है। 21 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने टायर जिले के जि़बकिन शहर में एक जोरदार एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला ऐसे समय में हुआ जब आसपास के इलाकों में भी गोलाबारी जारी थी। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अल-मंसूरी और मजदाल ज़ौन की नगरपालिकाओं को भी तोपखाने की आग से निशाना बनाया गया जिसमें अल-मंसूरी के कई घर पूरी तरह तबाह हो गए। आम लोगों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है क्योंकि लगातार हो रहे इन हमलों से आम बस्तियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल और पुराना तनाव
इससे पहले के दिनों में भी इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में काफी तेजी देखी गई थी। 20 सितंबर 2026 को इसराइली बलों ने कथित तौर पर फॉस्फोरस हथियारों का इस्तेमाल किया जिससे टायर, नबातिया, बिंत जबील और मरजायून जिलों में जैतून के बागों और खेतों को भारी नुकसान पहुंचा। यह सब उस घटना के बाद हुआ जब 19 सितंबर 2026 को हिजबुल्लाह द्वारा लगाए गए एक सड़क किनारे बम विस्फोट में दो इसराइली सैनिक घायल हो गए थे। सैनिकों के घायल होने के तुरंत बाद इसराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी जो अभी तक अलग-अलग रूपों में जारी है। लेबनान के स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए इन इलाकों में हालात संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।
शांति समझौते के बावजूद जारी है संघर्ष
दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने के लिए इस साल 26 जून 2026 को एक अमरीकी प्रायोजित फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य इसराइली सैनिकों की क्रमिक वापसी और लेबनानी सेना की तैनाती को सुनिश्चित करना था ताकि शांति बहाल हो सके। हालांकि तमाम समझौतों के बावजूद जमीन पर हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउण ने 18 सितंबर 2026 को एक बयान में कहा कि इसराइली सैन्य अभियान लगातार इस समझौते के क्रियान्वयन में बड़ी बाधा बन रहे हैं। इसके अलावा यूनिफिल के प्रमुख और फोर्स कमांडर मेजर जनरल डियोडाटो अबांगारा ने अल-मंसूरी में हालिया तोपखाने की तोड़फोड़ को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया है।
लाखों लोग हुए बेघर और भारी नुकसान
लेबनानी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2 मार्च 2026 से इसराइली आक्रामकता में भारी तेजी आई है। इस लंबे संघर्ष और हमलों की वजह से अब तक लगभग 4,400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि 10 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा है। लेबनान में यूएनईएफआईएल का कार्यकाल भी साल के अंत यानी 2026 के अंत में समाप्त होने के करीब है जिसके कारण सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हर तरफ से चिंता जताई जा रही है लेकिन फिलहाल जमीन पर हालात सुधरते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं।