लेबनान में इसराइल के ताबड़तोड़ हवाई हमले, Nabatieh शहर में एम्बुलेंस टीम को बनाया गया निशाना

दक्षिण लेबनान में इसराइली सेना ने एक बार फिर से भारी बमबारी की है और इस हमले में पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शनिवार, 19 सितंबर 2026 को इसराइली युद्धक विमानों ने नबातिएह अल-फव्का के पुराने चौक वाले इलाके में एक के बाद एक दो बड़े हवाई हमले किए। इस भयानक गोलाबारी के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए और आम लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है।
एम्बुलेंस टीम पर हुआ तीसरा हमला
जब पहली धमाकों की आवाज सुनकर इस्लामिक मैसेज स्काउट्स और हाउस ऑफ स्टूडेंट्स की मेडिकल टीम राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची, तो इसराइल ने तीसरा हवाई हमला सीधे एम्बुलेंस टीम पर कर दिया। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में मेडिकल टीम के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए और किसी भी पैरामेडिक के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है। इसराइली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिण लेबनान में उनके एक वाहन पर हिजबुल्लाह के विस्फोटक उपकरण से हुए हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें उनके दो सैनिक घायल हो गए थे।
संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत
लेबनानी अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, जब से यह नया संघर्ष 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक कम से कम 4,386 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा इस हिंसा में 12,400 लोग घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस युद्ध की वजह से लेबनान के अलग-अलग इलाकों से 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं।
शांति समझौतों का असर बेअसर
यह हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिका की मध्यरस्थी से 26 जून 2026 को एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत इसराइल को धीरे-धीरे अपनी सेना को वापस बुलाना था और उसके बदले में लेबनानी सेना को वहां तैनात होना था। लेकिन इसके बावजूद इसराइल ने दक्षिण लेबनान के कई हिस्सों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है और उसके सैन्य बल लेबनानी सीमा के अंदर 10 किलोमीटर से ज्यादा आगे बढ़ चुके हैं, जिससे शांति की उम्मीदें लगातार कमजोर हो रही हैं।