Lebanon Attack: इसराइल के हवाई हमलों से दहला लेबनान, हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले के बाद बिगड़े हालात.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सेना ने भीषण हवाई हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की तरफ से दागे गए दो विस्फोटक ड्रोन्स के जवाब में की गई, जो इसराइली सैनिकों को निशाना बना रहे थे। लेबनानी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन ताजा हमलों में 4 से 7 लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अचानक हुए सैन्य टकराव से वहां रह रहे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
किन-किन इलाकों को बनाया गया निशाना
इसराइली सैन्य बलों ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को लेबनान के टायर जिले के अल-Mansouri और Wadi Zibqin क्षेत्रों को खासतौर पर टारगेट किया। इसके अलावा Nabatieh, Arab Salim, Nabatieh al-Fawqa और Kfar Reman में भी जोरदार धमाके सुने गए। हमलों की चपेट में एक पुराना गंतौर अस्पताल, Nabatieh की एक ऐतिहासिक इमारत और लेबनान के वित्त व कृषि प्राधिकरण के दफ्तर भी आ गए। इन हमलों के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घरों को छोड़ने लगे हैं।
इसराइल का पक्ष और युद्धविराम का उल्लंघन
इसराइल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF का कहना था कि उन्होंने यह कदम आत्मरक्षा में उठाया क्योंकि हिजबुल्लाह ने इसराइल के दक्षिणी लेबनान सुरक्षा क्षेत्र में दो ड्रोन दागे थे। हालांकि एक ड्रोन को हवा में ही रोक लिया गया था, लेकिन इस घटना को इसराइल ने जून महीने में हुए अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताया। Arab Salim में बमबारी से ठीक पहले इसराइली सेना ने ऑनलाइन चेतावनी जारी कर लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया था। युद्धविराम समझौते के बाद इस तरह की चेतावनी दूसरी बार जारी की गई है।
लेबनान सरकार की प्रतिक्रिया और कुल नुकसान
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस सैन्य तनाव की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से लेकर 6 सितंबर 2026 तक कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 8,920 हो चुका है और 30,595 लोग घायल हुए हैं। अकेले 2 मार्च 2026 के बाद से अब तक 4,358 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जून की 26 तारीख को शांति और धीरे-धीरे सेना हटाने का जो समझौता हुआ था, वह अब इन लगातार हमलों की वजह से खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।