Lebanon News: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर किए ताबड़तोड़ हवाई हमले, अली अल-ताहेर हिल को बनाया निशाना.

Sushma Kumari27 August 20262 min read52 viewsWorld
Lebanon News: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर किए ताबड़तोड़ हवाई हमले, अली अल-ताहेर हिल को बनाया निशाना.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इसराइली युद्धक विमानों ने 27 अगस्त 2026 की सुबह लेबनान के दक्षिणी इलाकों पर बड़ा हमला बोल दिया। नेशनल न्यूज एजेंसी यानी एनएनए की रिपोर्ट के मुताबिक इसराइली एयरफोर्स ने दो चरणों में हवाई हमले किए जिसमें ऊपरी नबातिया के पूर्वी छोर पर स्थित अली अल-ताहेर हिल को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में आ गए।

एक दिन पहले भी हुई थी भारी गोलाबारी

यह सैन्य कार्रवाई अचानक नहीं हुई बल्कि इससे ठीक एक दिन पहले यानी 26 अगस्त को भी इसराइली सेना ने बॉर्डर के कई गाँवों और कस्बों में भारी गोलाबारी और एयरस्ट्राइक की थी। इसराइली सेना का साफ कहना है कि ये हमले इसलिए जरूरी हैं ताकि हिजबुल्लाह संगठन को अपनी सैन्य ताकत को फिर से खड़ा करने से रोका जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इलाके में पिछले दिनों इसराइली सैनिकों और हिजबुल्लाह के बीच झड़पें हुई थीं जिसके बाद से इसराइल लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

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हिजबुल्लाह के हथियार छोड़ने से इनकार पर तकरार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष को रोकने के लिए लगातार बातचीत और कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। लीतानी नदी के उत्तर में हिजबुल्लाह अपने हथियार सरेंडर करने से साफ मना कर रहा है जिसकी वजह से इस पहाड़ी इलाके को अभी तक लेबनामी सेना के हवाले नहीं किया गया है। अमेरिकी राजदूत मिशेल ईसा ने 26 अगस्त को बयान दिया था कि जब तक हिजबुल्लाह अपने हथियार छोड़ने का पक्का वादा नहीं करता तब तक इसराइल के हमलों को रोकना और उनका दक्षिणी लेबनान से पीछे हटना बहुत मुश्किल काम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिजबुल्लाह कोई ठोस प्रस्ताव सामने रखता है तो अमेरिका बातचीत करने के लिए तैयार है।

लेबनान सरकार का कूटनीतिक रुख

दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने 26 अगस्त को दोहराया कि देश में और अधिक तबाही और डरावने हालातों को रोकने के लिए सरकार ने इसराइल के साथ बातचीत के रास्ते को चुना है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम पहले भी यह साफ कर चुके हैं कि देश की जमीन के अंदर सैन्य ढांचे को संभालने की जिम्मेदारी केवल और केवल लेबनामी सरकार की ही है। क्षेत्र में चल रहे इन घटनाक्रमों के कारण आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और हर कोई शांति लौटने की उम्मीद कर रहा है।

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